
Odisha ओडिशा: ओडिशा सरकार ने राज्य में टेक्निकल और प्रोफेशनल एजुकेशन में रिज़र्वेशन की दरों में बड़े पैमाने पर बदलाव किया है। यह जानकारी ST और SC डेवलपमेंट, माइनॉरिटीज़ और बैकवर्ड क्लास वेलफेयर डिपार्टमेंट के फॉर्मल मेमोरेंडम के जरिए दी गई है।
मेमोरेंडम के अनुसार, शेड्यूल्ड ट्राइब्स (ST) के लिए रिज़र्वेशन को 12% से बढ़ाकर 22.5% कर दिया गया है। वहीं, शेड्यूल्ड कास्ट्स (SC) का कोटा 8% से बढ़ाकर 16.25% कर दिया गया है। इसके अलावा, सोशली और एजुकेशनली बैकवर्ड क्लासेस (SEBC) के लिए भी 11.25% रिज़र्वेशन शुरू किया गया है, जो पहले टेक्निकल एजुकेशन में विशेष कोटे के तहत शामिल नहीं थे।
सरकारी अधिकारियों के अनुसार, यह फैसला 4 अप्रैल, 2026 को हुई स्टेट कैबिनेट की बैठक में मंजूरी मिलने के बाद लिया गया है। नई रिज़र्वेशन नीति 2026-27 अकादमिक वर्ष से लागू होगी और यह राज्य की यूनिवर्सिटीज़, उनसे जुड़े कॉलेजों, टेक्निकल इंस्टीट्यूशन्स, आईटीआई (ITI) और पॉलिटेक्निक में इंजीनियरिंग, मेडिकल और अन्य प्रोफेशनल कोर्सेज़ में एडमिशन पर लागू होगी।
सरकारी सूत्रों ने बताया कि उच्च शिक्षा और सरकारी नौकरी में पहले से ही STs के लिए 22.5%, SCs के लिए 16.25% और SEBCs के लिए 11.5% रिज़र्वेशन लागू है। नई नीति के अनुसार टेक्निकल और प्रोफेशनल एजुकेशन में भी इसी पैमाने पर आरक्षण सुनिश्चित किया जाएगा।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस बदलाव से पिछड़े और हाशिए पर रहने वाले वर्गों को उच्च शिक्षा में अधिक अवसर मिलेंगे और उनकी भागीदारी बढ़ेगी। SEBC वर्ग के लिए नया रिज़र्वेशन विशेष रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इससे पहले उन्हें तकनीकी शिक्षा में कोई विशेष आरक्षण नहीं मिलता था।
इस नई नीति के लागू होने के बाद राज्य के सभी इंजीनियरिंग और मेडिकल कॉलेजों में एडमिशन प्रक्रिया में आरक्षित सीटों का अनुपात बदल जाएगा। अधिकारियों ने कहा कि एडमिशन कमिटी और संबंधित विश्वविद्यालयों को इस बदलाव के अनुरूप दाखिले की प्रक्रिया में सुधार और समायोजन करना होगा।
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि रिज़र्वेशन कोटे के विस्तार का उद्देश्य सामाजिक और शैक्षणिक असमानताओं को कम करना और सभी वर्गों के विद्यार्थियों को शिक्षा में समान अवसर उपलब्ध कराना है।
राज्य शिक्षा विभाग ने सभी तकनीकी संस्थानों और कॉलेजों को आदेश दिया है कि वे नई रिज़र्वेशन नीति के अनुरूप दाखिले की तैयारी तुरंत शुरू करें और संबंधित स्टूडेंट्स को जानकारी उपलब्ध कराएं।
इस कदम को ओडिशा सरकार की सामाजिक न्याय और शिक्षा में समानता की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है।





