ओडिशा

Odisha: राष्ट्रपति ने परियोजनाओं के महत्व और भविष्य के योगदान पर जोर दिया

Ratna Netam
21 April 2026 8:08 PM IST
Odisha: राष्ट्रपति ने परियोजनाओं के महत्व और भविष्य के योगदान पर जोर दिया
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Odisha.ओडिशा: भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राउरकेला में विज्ञान केंद्र और जनजातीय संग्रहालय का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने विज्ञान, शिक्षा और सांस्कृतिक संरक्षण के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि ये दोनों संस्थान स्थानीय और राष्ट्रीय स्तर पर छात्रों, शोधकर्ताओं और जनता के लिए ज्ञान के नए द्वार खोलेंगे।
राष्ट्रपति ने उद्घाटन समारोह में बताया कि विज्ञान केंद्र युवा पीढ़ी को विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में रुचि और कौशल विकसित करने का अवसर देगा। केंद्र में इंटरैक्टिव प्रदर्शनी, प्रयोगशालाएं और डिजिटल शिक्षण संसाधन उपलब्ध होंगे, जो छात्रों को सैद्धांतिक और व्यावहारिक ज्ञान के बीच संतुलन बनाने में मदद करेंगे।
संग्रहालय में ओडिशा और आसपास के क्षेत्र की जनजातीय कला, संस्कृति और परंपराओं को प्रदर्शित किया गया है। राष्ट्रपति मुर्मू ने संग्रहालय के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह संस्थान स्थानीय सांस्कृतिक धरोहर को संरक्षित करने और आने वाली पीढ़ियों तक पहुँचाने में मदद करेगा। उन्होंने संग्रहालय के माध्यम से छात्रों और शोधकर्ताओं को सांस्कृतिक और ऐतिहासिक अनुसंधान के अवसर मिलने की भी उम्मीद जताई।
राष्ट्रपति ने समारोह में विशेष रूप से स्थानीय जनजातियों और कलाकारों की प्रतिभा और योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि सरकार और समाज के सहयोग से ऐसे संस्थान सामाजिक जागरूकता और सांस्कृतिक शिक्षा के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
इस अवसर पर राज्य और जिला प्रशासन के अधिकारी, शिक्षाविद, शिक्षक और छात्र उपस्थित थे। उन्होंने राष्ट्रपति को विज्ञान केंद्र और संग्रहालय की विशेषताओं, प्रदर्शनों और योजनाओं के बारे में जानकारी दी।
राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि शिक्षा और संस्कृति का विकास एक राष्ट्र की सशक्त पहचान और भविष्य की नींव तय करता है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे विज्ञान और सांस्कृतिक धरोहर के क्षेत्र में रुचि लें और सक्रिय रूप से योगदान दें।
राउरकेला में विज्ञान केंद्र और जनजातीय संग्रहालय का उद्घाटन स्थानीय समाज और छात्रों के लिए नए अवसर लेकर आया है। यह न केवल शैक्षिक और सांस्कृतिक विकास को बढ़ावा देगा, बल्कि क्षेत्र में पर्यटन और अनुसंधान के लिए भी नए रास्ते खोलेगा।
कुल मिलाकर, राष्ट्रपति मुर्मू का यह दौरा और उद्घाटन समारोह ज्ञान, विज्ञान और सांस्कृतिक संरक्षण को एक साथ जोड़ने का महत्वपूर्ण उदाहरण साबित हुआ।
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