
Odisha ओडिशा: ओडिशा सरकार ने बुधवार को खरीफ 2026 सीजन के लिए व्यापक तैयारी रणनीति की शुरुआत की है। यह कदम भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा सामान्य से कम दक्षिण-पश्चिम मानसून वर्षा के अनुमान और संभावित एल नीनो परिस्थितियों को देखते हुए उठाया गया है, जिससे कृषि उत्पादन पर असर पड़ने की आशंका जताई गई है।
राज्य सरकार ने इस चुनौती को ध्यान में रखते हुए किसानों की सुरक्षा और कृषि व्यवस्था को मजबूत करने के लिए पहले से ही तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में उपमुख्यमंत्री और कृषि, किसान सशक्तिकरण तथा ऊर्जा मंत्री कनक वर्धन सिंह देव ने एक उच्च स्तरीय वर्चुअल समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की।
बैठक में उन्होंने सभी संबंधित विभागों, जिला प्रशासन और शोध संस्थानों को निर्देश दिया कि वे मिलकर काम करें ताकि किसानों को मौसम संबंधी संभावित जोखिमों से बचाया जा सके और कृषि गतिविधियों पर कोई बड़ा असर न पड़े।
वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से अधिकारियों को संबोधित करते हुए सिंह देव ने कहा कि आने वाले खरीफ सीजन के लिए समय पर योजना बनाना बेहद जरूरी है। उन्होंने जलवायु-अनुकूल कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देने और किसानों को लगातार सहायता उपलब्ध कराने पर जोर दिया।
सरकार की इस रणनीति में सूखा-रोधी फसलों को बढ़ावा देने, सिंचाई संसाधनों के बेहतर उपयोग, और मौसम आधारित सलाह प्रणाली को मजबूत करने जैसे कदम शामिल किए जाने की उम्मीद है। साथ ही कृषि विभाग को निर्देश दिया गया है कि वह जिले स्तर पर निगरानी तंत्र को सक्रिय रखे ताकि किसी भी स्थिति में किसानों को तुरंत सहायता दी जा सके।
अधिकारियों के अनुसार, कम वर्षा और एल नीनो की संभावित स्थिति को देखते हुए राज्य सरकार पहले से तैयारी करके कृषि नुकसान को कम करने की दिशा में काम कर रही है। इस रणनीति का उद्देश्य किसानों की आय को सुरक्षित रखना और खाद्य सुरक्षा को बनाए रखना है।
फिलहाल सरकार ने सभी विभागों को सतर्क रहने और समन्वय के साथ काम करने के निर्देश दिए हैं, ताकि खरीफ 2026 सीजन में किसी भी प्रकार की मौसम संबंधी चुनौती का प्रभाव न्यूनतम किया जा सके।





