
Odisha ओडिशा: मलकानगिरी ज़िले के जिला मुख्यालय अस्पताल में आठ महीने की गर्भवती महिला की मौत के बाद तनाव की स्थिति पैदा हो गई। मृतका की पहचान वंदना मंडल के रूप में हुई है। घटना के बाद परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया और विरोध में डॉक्टर के साथ मारपीट की।
जानकारी के अनुसार, मंगलवार रात वंदना मंडल की तबीयत अचानक बिगड़ गई थी, जिसके बाद उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया। परिजनों का कहना है कि घर के अंदर एक सांप देखा गया था, जिससे उन्हें शक था कि महिला को सांप ने काट लिया है।
परिवार वालों का आरोप है कि उन्होंने डॉक्टरों को सांप काटने की आशंका के बारे में जानकारी दी, लेकिन इसके बावजूद मरीज को उचित इलाज नहीं मिला। परिजनों के अनुसार, प्रारंभिक इलाज के बाद डॉक्टरों ने उन्हें घर लौटने की सलाह दे दी।
स्थिति बुधवार सुबह और बिगड़ गई, जिसके बाद परिजन उन्हें दोबारा अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने वंदना मंडल को मृत घोषित कर दिया। इस घटना के बाद परिजनों में आक्रोश फैल गया और उन्होंने अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए विरोध जताया।
परिजनों का कहना है कि अगर समय पर सही उपचार दिया जाता, तो महिला की जान बचाई जा सकती थी। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि गंभीर स्थिति के बावजूद मरीज को घर क्यों भेजा गया।
घटना के बाद अस्पताल परिसर में तनाव फैल गया और हालात को नियंत्रित करने के लिए स्थानीय प्रशासन को हस्तक्षेप करना पड़ा।
वहीं दूसरी ओर, अस्पताल प्रशासन ने सभी आरोपों को खारिज किया है। इलाज करने वाले डॉक्टर का कहना है कि उपचार में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती गई। डॉक्टर के अनुसार, मरीज को आवश्यक दवाएं और चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई गई थी, लेकिन बाद में वह अपने परिजनों के साथ खुद अस्पताल से चली गई थीं।
फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और अस्पताल में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। इस घटना ने एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं की स्थिति और अस्पताल प्रबंधन पर सवाल खड़े कर दिए हैं।





