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ओडिशा पुलिस ने लॉन्च किया ई-जीरो FIR सिस्टम

Kavita2
8 July 2026 3:26 PM IST
ओडिशा पुलिस ने लॉन्च किया ई-जीरो FIR सिस्टम
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भुवनेश्वर: साइबर अपराध और ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी के बढ़ते मामलों से निपटने के लिए ओडिशा पुलिस ने एक बड़ा कदम उठाया है। पुलिस ने बुधवार को साइबर फाइनेंशियल फ्रॉड से जुड़े मामलों के लिए ई-जीरो FIR सिस्टम की शुरुआत की। इस नई व्यवस्था का उद्देश्य ऑनलाइन ठगी की शिकायतों का तेजी से पंजीकरण करना, पुलिस कार्रवाई को तेज करना और पीड़ितों के पैसे वापस मिलने की संभावना को बढ़ाना है।

इस नई पहल को ओडिशा पुलिस ने तकनीक आधारित, पारदर्शी और नागरिकों के लिए आसान पुलिसिंग व्यवस्था की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया है।

DGP योगेश बहादुर खुरानिया ने किया शुभारंभ

ओडिशा के पुलिस महानिदेशक (DGP) योगेश बहादुर खुरानिया ने इस सिस्टम का औपचारिक शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि साइबर अपराध आज एक बड़ी चुनौती बन चुका है और इससे निपटने के लिए पुलिस को आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल करना जरूरी है।

उन्होंने बताया कि ई-जीरो FIR सिस्टम के जरिए साइबर वित्तीय धोखाधड़ी के मामलों में शुरुआती कार्रवाई तेज होगी और पीड़ितों को न्याय दिलाने की प्रक्रिया आसान बनेगी।

साइबर शिकायतों पर तुरंत कार्रवाई का लक्ष्य

नए सिस्टम के तहत साइबर फ्रॉड की शिकायत मिलने के बाद योग्य मामलों में ई-जीरो FIR रिक्वेस्ट अपने आप तैयार हो जाएगी। इससे शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया तेज होगी और जांच एजेंसियों को समय पर कार्रवाई करने में मदद मिलेगी।

अक्सर साइबर ठगी के मामलों में शुरुआती कुछ घंटे बेहद महत्वपूर्ण होते हैं। अगर समय पर कार्रवाई हो जाए तो ठगी की गई रकम को रोकने या वापस पाने की संभावना बढ़ जाती है। इसी उद्देश्य से यह सिस्टम तैयार किया गया है।

1930 हेल्पलाइन और CCTNS को किया गया इंटीग्रेट

इस पहल के तहत स्टेट क्राइम रिकॉर्ड्स ब्यूरो (SCRB) ने नेशनल साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 को ओडिशा में क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क एंड सिस्टम्स (CCTNS) के साथ जोड़ा है।

इस तकनीकी एकीकरण के जरिए साइबर वित्तीय धोखाधड़ी की पात्र शिकायतों के लिए ई-जीरो FIR अनुरोध स्वत: तैयार किया जा सकेगा।

खास बात यह है कि अपराध राज्य के किसी भी हिस्से में हुआ हो, यह सिस्टम शिकायत प्रक्रिया को आगे बढ़ाने में मदद करेगा।

ऑनलाइन ठगी के पीड़ितों को मिलेगा फायदा

साइबर अपराधों में ठगी का शिकार होने वाले लोगों के लिए सबसे बड़ी परेशानी शिकायत दर्ज कराने और कार्रवाई शुरू होने में लगने वाला समय होता है।

नई व्यवस्था से पीड़ितों को थाने जाने की प्रक्रिया में लगने वाले समय में कमी आने की उम्मीद है। शिकायत दर्ज होने के बाद पुलिस और संबंधित एजेंसियां जल्द कार्रवाई कर सकेंगी।

इससे बैंकिंग चैनल, भुगतान प्लेटफॉर्म और अन्य संबंधित संस्थाओं के साथ तालमेल बनाकर ठगी की रकम को रोकने के प्रयास भी तेज किए जा सकेंगे।

टेक्नोलॉजी आधारित पुलिसिंग पर जोर

ओडिशा पुलिस लगातार डिजिटल तकनीक के इस्तेमाल से पुलिस सेवाओं को बेहतर बनाने पर काम कर रही है। ई-जीरो FIR सिस्टम इसी दिशा में एक और महत्वपूर्ण पहल है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि साइबर अपराधी लगातार नए तरीके अपना रहे हैं, ऐसे में पुलिस व्यवस्था को भी तकनीकी रूप से मजबूत बनाना जरूरी है।

नई प्रणाली से न केवल मामलों के पंजीकरण में तेजी आएगी, बल्कि साइबर अपराधों के रिकॉर्ड और जांच प्रक्रिया को भी बेहतर तरीके से संभालने में मदद मिलेगी।

साइबर अपराधों में बढ़ती चुनौती

देशभर में ऑनलाइन बैंकिंग, डिजिटल पेमेंट और इंटरनेट सेवाओं के बढ़ते इस्तेमाल के साथ साइबर वित्तीय धोखाधड़ी के मामले भी बढ़ रहे हैं।

फर्जी कॉल, ऑनलाइन लिंक, डिजिटल अरेस्ट, बैंकिंग फ्रॉड और सोशल मीडिया के जरिए होने वाली ठगी जैसी घटनाएं लोगों के लिए बड़ी चुनौती बन गई हैं।

ऐसे मामलों में समय पर शिकायत करना बेहद जरूरी होता है। पुलिस लगातार लोगों से अपील करती रही है कि साइबर फ्रॉड होने पर तुरंत 1930 हेल्पलाइन पर सूचना दें।

नागरिकों के लिए सुरक्षित डिजिटल माहौल का प्रयास

ओडिशा पुलिस का कहना है कि ई-जीरो FIR सिस्टम का उद्देश्य आम नागरिकों को बेहतर और तेज पुलिस सेवा उपलब्ध कराना है।

यह व्यवस्था साइबर अपराधों के खिलाफ लड़ाई में पुलिस और नागरिकों के बीच बेहतर तालमेल बनाने में भी मदद करेगी।

पुलिस अधिकारियों को उम्मीद है कि इस पहल से साइबर वित्तीय अपराधों की जांच में तेजी आएगी और पीड़ितों को राहत मिलने की संभावना मजबूत होगी।

ई-जीरो FIR सिस्टम के लॉन्च के साथ ओडिशा पुलिस ने साइबर अपराधों के खिलाफ अपनी रणनीति को और मजबूत करने की दिशा में कदम बढ़ाया है। आने वाले समय में यह व्यवस्था ऑनलाइन धोखाधड़ी के मामलों में त्वरित कार्रवाई और प्रभावी जांच के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।

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