
Odisha ओडिशा: पुरी में भगवान जगन्नाथ की वार्षिक रथ यात्रा को लेकर ओडिशा पुलिस ने व्यापक सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन की तैयारियां शुरू कर दी हैं। इस वर्ष रथ यात्रा 16 जुलाई से शुरू होगी और नौ दिनों तक चलेगी। लाखों श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने इसे शांतिपूर्ण और सुरक्षित तरीके से संपन्न कराने के लिए बड़े पैमाने पर सुरक्षा योजना तैयार की है।
इस संबंध में डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (DGP) वाई.बी. खुरानिया की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें सुरक्षा व्यवस्था, ट्रैफिक नियंत्रण और भीड़ प्रबंधन की तैयारियों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में बताया गया कि इस विशाल धार्मिक आयोजन के लिए लगभग 12,000 पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाएगी।
सुरक्षा व्यवस्था में केंद्रीय बलों की भी महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। इस आयोजन के लिए केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) की 10 कंपनियां, जिनमें CRPF और BSF जैसी इकाइयां शामिल हैं, तैनात की जाएंगी। इसके साथ ही ओडिशा स्टेट आर्म्ड पुलिस (OSAP), इंडियन रिजर्व बटालियन (IRBN), आंध्र प्रदेश पुलिस रिजर्व (APR) और ट्रैफिक पुलिस की कुल 250 प्लाटून को विशेष रूप से संवेदनशील और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में तैनात किया जाएगा।
भीड़ प्रबंधन और यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए शहर के विभिन्न हिस्सों में लगभग 3,000 होम गार्ड्स की भी तैनाती की जाएगी। इन होम गार्ड्स को मुख्य रूप से पार्किंग व्यवस्था, भीड़ नियंत्रण और यातायात संचालन में लगाया जाएगा ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
पुलिस प्रशासन ने यह सुनिश्चित करने पर जोर दिया है कि रथ यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या सुरक्षा में चूक न हो। DGP वाई.बी. खुरानिया ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि संभावित चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए पहले से ही सभी आवश्यक कदम उठाए जाएं। उन्होंने कहा कि इतने बड़े धार्मिक आयोजन में भीड़ नियंत्रण सबसे बड़ी चुनौती होती है, इसलिए सभी स्तरों पर समन्वय जरूरी है।
इसके साथ ही पुलिस ने श्रद्धालुओं से भी अपील की है कि वे प्रशासन द्वारा जारी की जाने वाली ट्रैफिक और सुरक्षा संबंधी एडवाइजरी का पालन करें। ओडिशा पुलिस ने कहा कि भक्तों को समय-समय पर आधिकारिक पोर्टल और सूचना माध्यमों के जरिए यात्रा मार्ग, भीड़ प्रबंधन और पार्किंग से जुड़ी जानकारी दी जाएगी।
अधिकारियों का मानना है कि रथ यात्रा के दौरान मुख्य चुनौती अत्यधिक भीड़ का प्रबंधन और यातायात व्यवस्था को बनाए रखना होगा। पुरी शहर में देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है, जिससे सड़कों और प्रमुख मार्गों पर दबाव बढ़ जाता है। इसी को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा बलों की बड़ी तैनाती की गई है।
पुलिस प्रशासन ने यह भी कहा है कि इस बार तकनीकी निगरानी और समन्वित नियंत्रण व्यवस्था को भी मजबूत किया जाएगा, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत प्रतिक्रिया दी जा सके। संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त निगरानी और पेट्रोलिंग बढ़ाई जाएगी।
रथ यात्रा को सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए प्रशासन और पुलिस दोनों स्तरों पर तैयारियां अंतिम चरण में हैं। अधिकारियों ने विश्वास जताया है कि कड़े सुरक्षा इंतज़ामों और बेहतर प्रबंधन के जरिए यह धार्मिक आयोजन शांतिपूर्ण और सुरक्षित तरीके से संपन्न होगा।





