ओडिशा

Odisha : खुला गड्ढा बना मौत का कारण, दो साल के बच्चे की दर्दनाक मौत से गांव में मातम

Kavita2
25 May 2026 2:29 PM IST
Odisha : खुला गड्ढा बना मौत का कारण, दो साल के बच्चे की दर्दनाक मौत से गांव में मातम
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Odisha ओडिशा: ओडिशा के क्योंझर जिले के आनंदपुर सबडिवीजन के झंझना गांव से एक दर्दनाक घटना सामने आई है, जहां एक दो साल के मासूम बच्चे की गहरे गड्ढे में गिरकर मौत हो गई। यह गड्ढा कथित रूप से एक पीने के पानी के मेगा प्रोजेक्ट से जुड़ा हुआ था, जिसे समय रहते भरा नहीं गया था। इस घटना के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है और स्थानीय लोगों में गहरा आक्रोश देखा जा रहा है।

जानकारी के अनुसार, यह मामला उस पाइपलाइन से जुड़ा है जो लगभग पांच साल पहले एक बड़े पेयजल प्रोजेक्ट के तहत गांव में बिछाई गई थी। बताया जाता है कि कुछ समय बाद पाइपलाइन में लीकेज की समस्या सामने आई थी, जिसके बाद उसे ठीक करने के लिए सड़क के बीच में एक बड़ा और गहरा गड्ढा खोदा गया। स्थानीय लोगों का आरोप है कि मरम्मत कार्य शुरू तो किया गया, लेकिन उसे अधूरा छोड़ दिया गया और गड्ढे को लंबे समय तक खुला ही छोड़ दिया गया।

गांव वालों के अनुसार, यह खुला गड्ढा लगातार दुर्घटना का खतरा बना हुआ था, लेकिन इस ओर न तो संबंधित कंपनी ने ध्यान दिया और न ही स्थानीय प्रशासन ने समय पर कोई ठोस कदम उठाया। इसी लापरवाही का खामियाजा एक परिवार को भुगतना पड़ा, जब खेलते-खेलते एक दो साल का बच्चा अचानक उस गड्ढे में गिर गया।

घटना के समय आसपास मौजूद लोगों ने बच्चे को बचाने की कोशिश की, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। बच्चे को तुरंत बाहर निकालकर नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस दर्दनाक घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया और पूरे गांव में मातम छा गया।

स्थानीय लोगों ने इस घटना को प्रशासन और संबंधित कंपनी की गंभीर लापरवाही का नतीजा बताया है। उनका कहना है कि अगर गड्ढे को समय पर भर दिया जाता या उसे सुरक्षित तरीके से कवर किया जाता, तो यह हादसा टाला जा सकता था। ग्रामीणों ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और पीड़ित परिवार को मुआवजा देने की मांग की है।

घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। अधिकारियों ने मामले की जांच शुरू करने की बात कही है और आश्वासन दिया है कि जिम्मेदारी तय कर आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं, पुलिस ने भी घटना को गंभीरता से लेते हुए प्रारंभिक जांच शुरू कर दी है।

इस घटना ने एक बार फिर सार्वजनिक निर्माण कार्यों में सुरक्षा मानकों और रखरखाव की स्थिति पर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि विकास परियोजनाओं के नाम पर की गई लापरवाही अक्सर आम लोगों की जान पर भारी पड़ती है, और इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए सख्त निगरानी जरूरी है।

फिलहाल गांव में शोक का माहौल है और लोग इस दर्दनाक घटना से आहत हैं। प्रशासन से उम्मीद की जा रही है कि वह जल्द से जल्द जिम्मेदार पक्षों की पहचान कर उचित कार्रवाई करेगा और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस कदम उठाएगा।

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