
Odisha ओडिशा: ओडिशा में बैंक लोन से जुड़े एक बड़े धोखाधड़ी मामले में आर्थिक अपराध शाखा (ओडिशा आर्थिक अपराध शाखा) ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। यह मामला 6.88 करोड़ रुपये के बैंक लोन फ्रॉड से जुड़ा हुआ है, जिसमें फर्जी दस्तावेजों के जरिए बड़ी संख्या में लोन लेने का आरोप है।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान कटक निवासी प्रदीप्त कुमार लेंका के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, उसे बुधवार को भुवनेश्वर से गिरफ्तार किया गया। यह मामला 5 मई 2026 को दर्ज किया गया था, जो स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) की शिकायत पर आधारित है।
शिकायत के अनुसार, यह धोखाधड़ी स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की क्षेत्रीय प्रबंधक शिबा सुंदर साहू द्वारा दर्ज कराई गई थी। आरोप है कि मई 2022 से नवंबर 2023 के बीच एक संगठित साजिश के तहत बैंक की कई शाखाओं से कुल 282 एक्सप्रेस क्रेडिट लोन लिए गए।
इन शाखाओं में रेल विहार ब्रांच, फॉर्च्यून टावर ब्रांच, पटिया ब्रांच और दमाना ब्रांच शामिल हैं। आरोपियों ने कथित तौर पर टाटा स्टील, वेदांता लिमिटेड, धामरा पोर्ट और अन्य बड़ी कंपनियों के कर्मचारियों के नाम पर फर्जी दस्तावेज तैयार किए और लोन हासिल किया।
भारतीय स्टेट बैंक की ओर से दी गई शिकायत में बताया गया कि आरोपियों ने सैलरी सर्टिफिकेट, बैंक स्टेटमेंट, केवाईसी दस्तावेज और रोजगार से जुड़े रिकॉर्ड पूरी तरह फर्जी तरीके से तैयार किए थे। इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर बैंक से लोन मंजूर कराया गया।
EOW के अनुसार, आरोपी और उसके सहयोगियों ने मिलकर ऐसे 282 लोगों के नाम पर लोन स्वीकृत कराए, जो या तो अयोग्य थे या जिनकी जानकारी फर्जी थी। लोन स्वीकृत होने के बाद कई खातों में EMI भुगतान रोक दिया गया, जिससे वे खाते नॉन-परफॉर्मिंग एसेट (NPA) में बदल गए।
इस पूरे घोटाले में कुल बकाया राशि लगभग 6,88,29,323 रुपये बताई जा रही है। जांच एजेंसी का कहना है कि यह एक सुनियोजित वित्तीय धोखाधड़ी है, जिसमें कई स्तरों पर फर्जी दस्तावेजों का उपयोग किया गया।
भुवनेश्वर और कटक क्षेत्र में इस मामले को लेकर जांच तेज कर दी गई है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल थे और बैंकिंग सिस्टम में इस तरह की गड़बड़ी कैसे हुई।
अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं, क्योंकि यह मामला केवल एक व्यक्ति तक सीमित नहीं लगता बल्कि इसमें एक संगठित गिरोह की भूमिका होने की आशंका है।
फिलहाल आरोपी से पूछताछ जारी है और ईओडब्ल्यू इस पूरे लोन फ्रॉड नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है, ताकि सभी दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सके।





