
Odisha ओडिशा : ओडिया भाषा, साहित्य एवं संस्कृति मंत्री सूर्यवंशी सूरज ने आज कोशाली बोली को राज्य भाषा का दर्जा दिए जाने पर स्पष्टीकरण दिया। बीजद विधायक प्रसन्न आचार्य द्वारा विधानसभा में पूछे गए अतारांकित प्रश्न का उत्तर देते हुए मंत्री ने सदन को बताया कि कोशाली बोली को राज्य भाषा का दर्जा दिए जाने की मांग को लेकर सरकार को अभी तक कोई प्रस्ताव नहीं मिला है। मंत्री के उत्तर पर नाराजगी जताते हुए ओडिशा विधानसभा में संबलपुर विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाले भाजपा विधायक जयनारायण मिश्रा ने पश्चिमी ओडिशा के लोगों की 'लंबे समय से चली आ रही' मांग को लेकर सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, "मंत्री को इस तथ्य की जानकारी नहीं है कि पूर्व मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने केंद्र से संबलपुरी-कोशाली बोली को भारतीय संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करने का प्रस्ताव रखा था।" उन्होंने जोर देते हुए कहा, "ओडिशा का निर्माण उत्कल, कलिंग और कोशल से हुआ है।" पांच बार विधायक रह चुके साहू ने बीजद विधायक और पूर्व मंत्री अरुण साहू का मजाक उड़ाते हुए कहा, "अब सरकार कह रही है कि यह मेरी निजी राय है। लेकिन भविष्य में यह सामूहिक राय होगी। अगर बीजद विधायक, जो इतिहास के छात्र हैं, मुझे पढ़ाएं तो मैं ओडिशा का इतिहास पढ़ने के लिए तैयार हूं।" जवाब में साहू ने कहा, "जयनारायण की आवाज नरम हो गई है। सभी बोलियों को रहने दें, कुछ भी खत्म नहीं होना चाहिए। कुछ विधायक सरकार में मंत्री पद पाने के लिए मुद्दे तलाश रहे हैं।"





