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Odisha : माओवादी डंप का खुलासा, हथियार-विस्फोटक बरामद

Kavita2
7 July 2026 3:48 PM IST
Odisha : माओवादी डंप का खुलासा, हथियार-विस्फोटक बरामद
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नुआपाड़ा : वामपंथी उग्रवाद (लेफ्ट विंग एक्सट्रीमिज्म) के खिलाफ सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली है। ओडिशा पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) की संयुक्त टीम ने नुआपाड़ा जिले में ओडिशा-छत्तीसगढ़ सीमा के पास स्थित पटधारा रिजर्व फॉरेस्ट इलाके में माओवादियों के छिपाए गए हथियारों और विस्फोटकों का बड़ा जखीरा बरामद किया है। सुरक्षाबलों की इस कार्रवाई को माओवादी नेटवर्क के खिलाफ एक महत्वपूर्ण कामयाबी माना जा रहा है।

जानकारी के अनुसार, यह बरामदगी 7 जुलाई को नुआपाड़ा जिला पुलिस को मिली विश्वसनीय खुफिया सूचना के आधार पर की गई। नुआपाड़ा के पुलिस अधीक्षक (SP) की निगरानी में जिला पुलिस, डिस्ट्रिक्ट वॉलंटियर फोर्स (DVF) और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) की 19वीं बटालियन की बम निरोधक टीम (BD टीम) ने संयुक्त अभियान चलाया।

यह ऑपरेशन बोडेन थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले बरपत डोंगर के घने जंगल और पहाड़ी इलाके में चलाया गया। सुरक्षा बलों ने इलाके में काफी सावधानी के साथ तलाशी अभियान चलाया और जंगल के अंदर छिपाकर रखे गए माओवादी डंप का पता लगाया।

जंगल में छिपाया गया था हथियारों का भंडार

सुरक्षा बलों के मुताबिक, बरामद सामान माओवादियों के पुराने ठिकाने या कैश का हिस्सा हो सकता है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि यह सामान प्रतिबंधित संगठन CPI (माओवादी) के कैडरों द्वारा इस्तेमाल के लिए जमा किया गया था।

सुरक्षाबलों को आशंका है कि इन हथियारों और विस्फोटक सामग्री का इस्तेमाल माओवादी संगठन अपने अभियानों के दौरान कर सकते थे। समय रहते इस डंप का पता लगने से संभावित घटनाओं को रोकने में मदद मिली है।

भारी मात्रा में हथियार और विस्फोटक बरामद

संयुक्त अभियान के दौरान सुरक्षा बलों ने कई खतरनाक हथियार, गोला-बारूद और विस्फोटक सामग्री जब्त की। बरामद सामान में दो देसी बंदूकें, एक देसी कार्बाइन और उसकी मैगजीन शामिल है।

इसके अलावा तलाशी अभियान में 7.62x39 एमएम AK-47 के 29 कारतूस और 7.62x51 एमएम SLR के 54 कारतूस भी मिले हैं। बड़ी मात्रा में विस्फोटक सामग्री बरामद होने से सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं।

सुरक्षा बलों को दो टिफिन आईईडी, आठ जिलेटिन स्टिक, करीब 1.5 किलोग्राम गनपाउडर, एक डेटोनेटर, बैटरियां और विस्फोटक तैयार करने में इस्तेमाल होने वाली अन्य सामग्री मिली है।

आईईडी बनाने का सामान भी मिला

बरामद सामान में आईईडी बनाने और उसे संचालित करने में इस्तेमाल होने वाले कई उपकरण भी शामिल हैं। इनमें मल्टीमीटर, बिजली के तार, कोडेक्स वायर, वायर कटर और टेस्टिंग उपकरण बरामद किए गए हैं।

जांच एजेंसियों के अनुसार, इस तरह के उपकरणों का इस्तेमाल माओवादी संगठन सुरक्षा बलों को निशाना बनाने और विस्फोटक तैयार करने के लिए करते रहे हैं।

इसके अलावा तलाशी अभियान में माओवादियों की वर्दी, हैवरसैक, जूते, माओवादी साहित्य, खाना बनाने के बर्तन और मेडिकल किट भी बरामद की गई है। इससे संकेत मिलता है कि यह स्थान माओवादी गतिविधियों से जुड़ा हुआ हो सकता है।

सुरक्षा बलों ने बढ़ाई जंगलों में निगरानी

नुआपाड़ा जिले का यह क्षेत्र ओडिशा और छत्तीसगढ़ की सीमा से जुड़ा हुआ है और पहले भी माओवादी गतिविधियों के लिए संवेदनशील रहा है। ऐसे इलाकों में सुरक्षा बल लगातार अभियान चलाकर माओवादी नेटवर्क को कमजोर करने का प्रयास कर रहे हैं।

अधिकारियों का कहना है कि खुफिया सूचना के आधार पर इस तरह के अभियान आगे भी जारी रहेंगे। जंगलों और पहाड़ी क्षेत्रों में छिपे माओवादी ठिकानों की पहचान कर उन्हें नष्ट करने के लिए सुरक्षा बल लगातार सक्रिय हैं।

बरामद सामग्री की जांच जारी

फिलहाल बरामद हथियारों और विस्फोटकों की जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि यह डंप कब से वहां छिपाकर रखा गया था और इसे किन माओवादी समूहों द्वारा संचालित किया जा रहा था।

जांच के दौरान यह भी पता लगाया जाएगा कि इस सामग्री का इस्तेमाल किसी बड़ी वारदात के लिए किया जाना था या नहीं। सुरक्षाबल बरामद सामान के आधार पर माओवादी नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटाने में लगे हैं।

माओवादी गतिविधियों पर लगाम लगाने की कोशिश

केंद्र और राज्य सरकारें लंबे समय से वामपंथी उग्रवाद को खत्म करने के लिए संयुक्त अभियान चला रही हैं। सुरक्षा बलों की लगातार कार्रवाई के कारण कई इलाकों में माओवादी संगठनों की गतिविधियों में कमी आई है।

नुआपाड़ा में हुई यह कार्रवाई भी उसी अभियान का हिस्सा मानी जा रही है। बड़ी मात्रा में हथियार और विस्फोटक बरामद होने से सुरक्षा बलों को माओवादी गतिविधियों पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी।

अधिकारियों ने इस अभियान को महत्वपूर्ण सफलता बताते हुए कहा कि क्षेत्र में शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए ऐसे ऑपरेशन लगातार जारी रहेंगे।

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