
Odisha ओडिशा: ओडिशा में शनिवार को भद्रक, बालासोर और मयूरभंज जिलों में कथित मवेशी तस्करी नेटवर्क के खिलाफ पुलिस ने बड़े पैमाने पर एक साथ छापेमारी की। यह कार्रवाई राज्यभर में चलाए गए समन्वित अभियान का हिस्सा थी, जिसमें अवैध मवेशी ढुलाई से जुड़े कई ठिकानों को निशाना बनाया गया।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई खुफिया जानकारी के आधार पर की गई, जिसमें विभिन्न इलाकों में एक साथ ऑपरेशन चलाया गया। इस दौरान मयूरभंज जिले के बैशिंगा थाना क्षेत्र के अंतर्गत गोविंदराजपुर और तालपाड़ा सहित भद्रक और बालासोर जिलों के कई संवेदनशील स्थानों पर छापेमारी की गई। सुबह-सुबह शुरू हुए इस अभियान के दौरान पूरे क्षेत्र में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई थी।
पुलिस ने बताया कि इस कार्रवाई का उद्देश्य उन नेटवर्कों को खत्म करना है जो कथित रूप से अवैध रूप से मवेशियों की तस्करी और परिवहन में शामिल हैं। कई स्थानों पर संदिग्ध गतिविधियों की सूचना मिलने के बाद यह संयुक्त अभियान शुरू किया गया।
मयूरभंज जिले में यह ऑपरेशन विशेष रूप से बड़े स्तर पर चलाया गया, जिसकी निगरानी वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों द्वारा की गई। इस अभियान में बेटनोटी के उप पुलिस अधीक्षक (SDPO) मिनाती बिस्वाल के साथ बैशिंगा, बारीपदा, मोराडा और बेटनोटी पुलिस थानों के कई थाना प्रभारी शामिल थे।
कार्रवाई के दौरान लगभग दो प्लाटून पुलिस बल को तैनात किया गया, जिससे पूरे ऑपरेशन को प्रभावी तरीके से अंजाम दिया जा सका। पुलिस टीमों ने विभिन्न ठिकानों की तलाशी ली और संदिग्ध गतिविधियों से जुड़े दस्तावेज और अन्य साक्ष्यों की जांच की।
अधिकारियों ने बताया कि यह अभियान आगे भी जारी रह सकता है, क्योंकि प्रारंभिक जांच में इस नेटवर्क के व्यापक होने के संकेत मिले हैं। पुलिस का मानना है कि इस तरह की समन्वित कार्रवाई से अवैध मवेशी तस्करी पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकेगा।
स्थानीय प्रशासन ने भी इस कार्रवाई का समर्थन किया है और कहा है कि अवैध पशु तस्करी न केवल कानून व्यवस्था के लिए चुनौती है, बल्कि यह पशु संरक्षण से जुड़े नियमों का भी उल्लंघन है।
फिलहाल पुलिस ने कई संदिग्ध स्थानों से पूछताछ शुरू कर दी है और मामले की गहराई से जांच की जा रही है। अधिकारियों ने कहा है कि आने वाले दिनों में इस नेटवर्क से जुड़े और लोगों पर भी कार्रवाई की जा सकती है।





