ओडिशा

Odisha : अपार्टमेंट रजिस्ट्रेशन आसान बनाने के लिए स्टैम्प ड्यूटी नियमों में बड़ा बदलाव

Kavita2
15 May 2026 9:47 AM IST
Odisha : अपार्टमेंट रजिस्ट्रेशन आसान बनाने के लिए स्टैम्प ड्यूटी नियमों में बड़ा बदलाव
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Odisha ओडिशा: सरकार ने अपार्टमेंट रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया को सरल बनाने और राजस्व संग्रह को अधिक पारदर्शी व सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से इंडियन स्टैम्प (ओडिशा संशोधन) ऑर्डिनेंस के तहत एक गजट अधिसूचना जारी की है। राज्य कैबिनेट की मंजूरी के बाद लागू किए गए इस नए प्रावधान का उद्देश्य संपत्ति से जुड़े लेन-देन की प्रक्रिया को आसान करना और स्टैम्प ड्यूटी संग्रह में आने वाली अनियमितताओं को कम करना बताया जा रहा है।

आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, इस संशोधन का मुख्य लक्ष्य अपार्टमेंट रजिस्ट्रेशन में आने वाली जटिलताओं को दूर करना और स्टैम्प ड्यूटी की सही व समय पर वसूली सुनिश्चित करना है। सरकार का मानना है कि इससे रियल एस्टेट क्षेत्र में पारदर्शिता बढ़ेगी और खरीदारों को भी सुविधा मिलेगी।

नए नियमों के तहत अब अलॉटीज़ की एसोसिएशन को कॉमन एरिया और सुविधाओं के हस्तांतरण के लिए डीड ऑफ कन्वेयंस बनवाने पर केवल 50,000 रुपये की नाममात्र स्टैम्प ड्यूटी देनी होगी। यह प्रावधान अपार्टमेंट परिसरों में साझा सुविधाओं के कानूनी हस्तांतरण को आसान बनाने के लिए किया गया है।

इसके अलावा, अलग-अलग अपार्टमेंट यूनिट्स के रजिस्ट्रेशन पर अब 5 प्रतिशत की समान स्टैम्प ड्यूटी लागू होगी। इसमें अपार्टमेंट यूनिट और कॉमन एरिया में बिना विभाजित हिस्सा दोनों शामिल होंगे। इस नए एकीकृत ढांचे ने पहले लागू तीन-स्तरीय स्लैब सिस्टम (3%, 4% और 5%) को समाप्त कर दिया है, जिससे रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया को सरल और अधिक स्पष्ट बनाया गया है।

राज्य सरकार ने पहले ही इंडियन स्टैम्प एक्ट, 1899 में संशोधन के लिए ऑर्डिनेंस लाने की मंजूरी दी थी, जिसके बाद यह नया ढांचा लागू किया गया है। यह बदलाव ओडिशा अपार्टमेंट (ओनरशिप एंड मैनेजमेंट) एक्ट, 2023 के प्रावधानों के अनुरूप है, जिसमें पहली कन्वेयंस डीड के समय कॉमन एरिया और सुविधाओं को अलॉटीज़ एसोसिएशन के नाम ट्रांसफर करने का प्रावधान शामिल है।

पहले की व्यवस्था में अलॉटीज़ की एसोसिएशन को ऐसे ट्रांसफर के लिए 5 प्रतिशत स्टैम्प ड्यूटी देनी पड़ती थी, जिससे रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया महंगी हो जाती थी और कई मामलों में इसमें देरी भी होती थी। इस कारण आम लोगों पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ता था।

सरकार का कहना है कि नए संशोधित ढांचे से न केवल आर्थिक बोझ कम होगा, बल्कि अपार्टमेंट रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया भी तेज और पारदर्शी बनेगी। इससे रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश और लेन-देन को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के सुधारों से राज्य में संपत्ति से जुड़े कानूनी विवादों में कमी आ सकती है और आम नागरिकों के लिए घर खरीदने और रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया अधिक सरल हो जाएगी।

फिलहाल, इस नए ऑर्डिनेंस के लागू होने के बाद रियल एस्टेट सेक्टर में सकारात्मक प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है और इसे एक व्यावहारिक सुधार के रूप में देखा जा रहा है।

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