
Odisha ओडिशा: मयूरभंज जिले में रविवार को एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। यहां एक 108 एम्बुलेंस में हाल ही में प्रसव के बाद महिला और उसके नवजात शिशु को अस्पताल ले जाया जा रहा था, तभी अचानक एम्बुलेंस का पिछला पहिया लगभग अलग हो गया। हालांकि चालक की सतर्कता से एक गंभीर दुर्घटना टल गई।
यह घटना उदाला के गौड़िया मठ इलाके के पास हुई। जानकारी के अनुसार, कपटीपाडा पुलिस थाना क्षेत्र के नाचीपुर गांव की एक आशा कार्यकर्ता ने गर्भवती महिला को अस्पताल ले जाने के लिए 108 एम्बुलेंस बुलाया था, क्योंकि महिला को प्रसव पीड़ा शुरू हो गई थी।
हालांकि, एम्बुलेंस के पहुंचने से पहले ही महिला ने घर पर ही बच्चे को जन्म दे दिया था। इसके बाद स्वास्थ्यकर्मियों की मदद से मां और नवजात शिशु को एम्बुलेंस में बैठाकर उदाला सब-डिविजनल हॉस्पिटल (SDH) के लिए रवाना किया गया।
जैसे ही एम्बुलेंस गौड़िया मठ इलाके से गुजर रही थी, अचानक वाहन के पिछले पहिए के नट ढीले हो गए, जिससे टायर आंशिक रूप से गाड़ी से अलग हो गया। स्थिति गंभीर होते देख चालक ने तुरंत सूझबूझ दिखाते हुए वाहन को सड़क किनारे रोक दिया।
चालक की इस त्वरित प्रतिक्रिया के कारण बड़ा हादसा टल गया और मां व नवजात शिशु दोनों सुरक्षित रहे। यदि समय रहते वाहन नहीं रोका जाता तो एम्बुलेंस पलटने या गंभीर दुर्घटना की संभावना थी।
घटना के बाद मौके पर स्थानीय लोग भी एकत्र हो गए और राहत कार्य में मदद की। बाद में वाहन की मरम्मत की व्यवस्था की गई और वैकल्पिक साधन से मरीज को अस्पताल पहुंचाया गया।
प्रशासन की ओर से मामले की जानकारी ली जा रही है और एम्बुलेंस की तकनीकी स्थिति की जांच के आदेश दिए जाने की संभावना है, ताकि भविष्य में इस तरह की लापरवाही या तकनीकी खराबी से बचा जा सके।
स्थानीय लोगों ने कहा कि 108 एम्बुलेंस जैसी आपातकालीन सेवाओं में नियमित रखरखाव बेहद जरूरी है, क्योंकि इनमें मरीजों की जान सीधे तौर पर जुड़ी होती है।
कुल मिलाकर, इस घटना में जहां एक ओर तकनीकी खराबी के कारण बड़ा खतरा पैदा हो गया था, वहीं दूसरी ओर चालक की सूझबूझ और सतर्कता ने एक गंभीर हादसे को टाल दिया और दो जिंदगियों को सुरक्षित बचा लिया।





