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Odisha ओडिशा : कुचिंडा की तहसीलदार मिताली मधुस्मिता दलेई को राजस्व विभाग ने भूमि विवाद के एक मामले में पक्षपात के आरोपों के चलते सेवा से निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई एक स्थानीय निवासी द्वारा दर्ज कराई गई औपचारिक शिकायत के बाद की गई, जिसके बाद विभागीय कार्यवाही शुरू हुई।
शिकायतकर्ता ने न्याय की गुहार लगाते हुए मुख्यमंत्री, राजस्व मंत्री और उत्तरी राजस्व आयुक्त के समक्ष अपनी शिकायत दर्ज कराई थी। इस शिकायत पर कार्रवाई करते हुए राजस्व विभाग ने तहसीलदार मिताली मधुस्मिता दलेई को निलंबित कर दिया। आदेश में आगे कहा गया है कि निलंबन अवधि के दौरान वह संबलपुर जिला कलेक्टर कार्यालय को रिपोर्ट करेंगी। शिकायतकर्ता राजेश अग्रवाल के अनुसार, उनके चचेरे भाइयों ने कथित तौर पर म्यूटेशन के झूठे मामले दर्ज करने की साजिश रची। उन्होंने दावा किया कि वे उन्हें और उनके परिवार को मृत घोषित करने की हद तक चले गए, जिससे उन्हें बिना उचित सूचना दिए संपत्तियों पर कब्जा करने में मदद मिली।
अग्रवाल ने आगे आरोप लगाया कि तहसीलदार ने बिना उचित सूचना दिए दस्तावेजों पर हस्ताक्षर कर दिए अग्रवाल ने कहा, "मेरे चचेरे भाइयों ने नामांतरण के कुछ मामले झूठे दर्ज किए। उन्होंने मुझे और मेरे परिवार को भी मृत घोषित कर दिया। उन्होंने सांठगांठ की ताकि हमें इस बारे में कोई नोटिस न मिले और हमारी सारी संपत्ति हड़प ली। तहसीलदार ने दस्तावेजों पर हस्ताक्षर तो किए, लेकिन उचित नोटिस जारी नहीं किया और हमारी जानकारी के बिना ही सब कुछ कर दिया।" इन आरोपों ने क्षेत्र में भूमि विवाद के मामलों से निपटने की प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालाँकि, निलंबित तहसीलदार मिताली मधुस्मिता दलेई की प्रतिक्रिया नहीं मिल सकी।
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