
पुरी : ओडिशा के पुरी स्थित विश्व प्रसिद्ध श्री जगन्नाथ मंदिर में अनुशासनहीनता के आरोप में एक सेवक के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की गई है। मंदिर प्रशासन ने भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा की पूजा से जुड़ी महत्वपूर्ण बनका लगी रस्म के दौरान कथित गड़बड़ी करने के आरोप में सेवक रश्मि रंजन दत्ता महापात्रा को निलंबित कर दिया है।
श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन (SJTA) के मुख्य प्रशासक अरबिंद कुमार पाधी ने सेवक के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उसे अगले आदेश तक निलंबित रखने का निर्देश जारी किया है। बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई मंदिर कमांडर की ओर से सौंपी गई रिपोर्ट के आधार पर की गई है।
जानकारी के अनुसार, यह मामला बुधवार को मंदिर परिसर में आयोजित बनका लगी अनुष्ठान के दौरान सामने आया। आरोप है कि सेवक रश्मि रंजन दत्ता महापात्रा ने रस्म के दौरान मंदिर कमांडर के साथ कथित तौर पर अनुशासनहीन व्यवहार किया और उनके साथ बदसलूकी करने की कोशिश की।
रिपोर्ट के मुताबिक, विवाद इतना बढ़ गया कि सेवक पर मंदिर कमांडर के साथ कथित रूप से हाथापाई या हमला करने का प्रयास करने का आरोप लगा। घटना के बाद मंदिर प्रशासन को इसकी जानकारी दी गई, जिसके बाद मामले की जांच शुरू की गई।
श्री जगन्नाथ मंदिर में पूजा-पद्धति और सेवाओं के लिए सख्त नियम निर्धारित हैं। मंदिर प्रशासन समय-समय पर यह सुनिश्चित करता है कि सभी सेवक धार्मिक परंपराओं और अनुशासन का पालन करें। किसी भी तरह की लापरवाही या अनुशासनहीनता को गंभीरता से लिया जाता है।
SJTA की ओर से जारी कार्रवाई को इसी व्यवस्था का हिस्सा माना जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि मंदिर की गरिमा और धार्मिक अनुष्ठानों की पवित्रता बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है।
यह कार्रवाई वार्षिक रथ यात्रा से ठीक एक दिन पहले हुई है। जगन्नाथ मंदिर की रथ यात्रा दुनिया के प्रमुख धार्मिक आयोजनों में शामिल है, जिसमें हर साल लाखों श्रद्धालु शामिल होते हैं। ऐसे समय में मंदिर प्रशासन किसी भी तरह की अव्यवस्था को लेकर विशेष सतर्क रहता है।
बनका लगी भगवान जगन्नाथ की महत्वपूर्ण सेवाओं में से एक मानी जाती है। इस रस्म में भगवान के श्रृंगार और विशेष पूजा से जुड़ी परंपराओं का पालन किया जाता है। इस दौरान सेवकों की भूमिका काफी महत्वपूर्ण होती है और उन्हें निर्धारित नियमों के अनुसार कार्य करना होता है।
मंदिर प्रशासन के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि धार्मिक अनुष्ठानों के दौरान अनुशासन बनाए रखना जरूरी है। किसी भी सेवक द्वारा नियमों का उल्लंघन किए जाने पर प्रशासन कार्रवाई करने से पीछे नहीं हटेगा।
फिलहाल निलंबित सेवक के खिलाफ आगे की जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद प्रशासन मामले में आगे का निर्णय ले सकता है।
गौरतलब है कि पुरी का श्री जगन्नाथ मंदिर देश के चार प्रमुख धामों में से एक माना जाता है और यहां होने वाली हर धार्मिक गतिविधि का विशेष महत्व होता है। मंदिर प्रशासन लगातार यह प्रयास करता है कि पूजा व्यवस्था सुचारु रूप से चले और श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े आयोजनों में किसी तरह की बाधा न आए।
रथ यात्रा जैसे बड़े आयोजन से पहले सेवक के खिलाफ हुई इस कार्रवाई को मंदिर प्रशासन की सख्ती के तौर पर देखा जा रहा है। अब सभी की नजर आगे की जांच और प्रशासनिक फैसले पर है।





