
Odisha ओडिशा: मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने सोमवार को ‘सोमनाथ स्वाभिमान यात्रा-2026’ का औपचारिक शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने ओडिशा से गुजरात स्थित सोमनाथ मंदिर तक जाने वाली एक विशेष ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह पहल राज्य में आध्यात्मिक और सांस्कृतिक जुड़ाव को मजबूत करने के उद्देश्य से शुरू की गई है।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने इस यात्रा को जनता की आस्था, भक्ति और सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि यह केवल एक तीर्थयात्रा नहीं, बल्कि एक भव्य आध्यात्मिक और सांस्कृतिक अभियान है, जो देश की एकता और विरासत को मजबूत करता है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि पूर्व में स्थित भगवान जगन्नाथ और पश्चिम में स्थित भगवान सोमनाथ के बीच का आध्यात्मिक संबंध भारत की सांस्कृतिक एकता का महत्वपूर्ण प्रतीक है।
मुख्यमंत्री माझी ने बताया कि यह तीर्थयात्रा देशव्यापी ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ का हिस्सा है, जो एक वर्ष तक चलने वाली सांस्कृतिक पहल है। इस पहल का उद्देश्य भारतीय इतिहास की दो महत्वपूर्ण घटनाओं को स्मरण करना और जनमानस में सांस्कृतिक चेतना को बढ़ावा देना है।
उन्होंने बताया कि इस अभियान का पहला ऐतिहासिक संदर्भ वर्ष 1026 में महमूद गजनवी द्वारा सोमनाथ मंदिर पर किए गए हमले के 1000 वर्ष पूरे होने से जुड़ा है। यह घटना भारतीय इतिहास में एक महत्वपूर्ण अध्याय मानी जाती है, जिसे इस पहल के माध्यम से स्मरण किया जा रहा है।
इसके साथ ही, इस कार्यक्रम का दूसरा महत्वपूर्ण पहलू स्वतंत्रता के बाद सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण की 75वीं वर्षगांठ का उत्सव है। सरदार वल्लभभाई पटेल की प्रेरणा से हुए इस पुनर्निर्माण को भारतीय सांस्कृतिक पुनर्जागरण का प्रतीक माना जाता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह यात्रा न केवल धार्मिक आस्था को जोड़ती है, बल्कि विभिन्न राज्यों और संस्कृतियों के बीच संबंधों को भी मजबूत करती है। उन्होंने विश्वास जताया कि इस तरह की पहल से युवा पीढ़ी को भारत के गौरवशाली इतिहास और सांस्कृतिक धरोहर के बारे में जानने का अवसर मिलेगा।
इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु और गणमान्य लोग मौजूद रहे। विशेष ट्रेन के रवाना होने के साथ ही यात्रा का औपचारिक शुभारंभ किया गया, जिसमें यात्रियों के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं और सुरक्षा इंतजाम भी सुनिश्चित किए गए हैं।
सरकार का मानना है कि यह पहल धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ-साथ राष्ट्रीय एकता और सांस्कृतिक समरसता को भी मजबूत करेगी। आने वाले दिनों में इस यात्रा से जुड़े विभिन्न कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।





