ओडिशा

ओडिशा हाई कोर्ट ने हिंसा के मामलों में संयुक्त जांच के आदेश दिए

Subhi
14 Aug 2026 10:09 AM IST
ओडिशा हाई कोर्ट ने हिंसा के मामलों में संयुक्त जांच के आदेश दिए
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कटक: ओडिशा हाई कोर्ट ने रायगढ़ा के SP, DSP और दो गांवों के सरपंचों को निर्देश दिया है कि वे जिले के सागाबारी गांव में सड़क निर्माण के विरोध के दौरान आदिवासी ग्रामीणों पर पुलिस के अत्याचार के आरोपों की संयुक्त रूप से मौके पर जाकर जांच करें।

चीफ जस्टिस हरीश टंडन और जस्टिस चित्तरंजन डैश की डिवीजन बेंच ने वकील अनूप कुमार महापात्रा द्वारा पेश किए गए पुरुषोत्तम हिकाका और सात अन्य लोगों की PIL पर सुनवाई करते हुए यह निर्देश जारी किया।

याचिकाकर्ताओं ने आरोप लगाया कि पुलिसकर्मियों ने 10 मार्च की सुबह आदिवासी घरों में छापेमारी की, 10 महिलाओं सहित 21 लोगों को गिरफ्तार किया और घरों में तोड़-फोड़ की। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कई ग्रामीणों पर गैर-कानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के तहत मामला दर्ज किया गया और उन्हें भवानीपटना जेल में डाल दिया गया।

बेंच ने कहा कि जहां PIL में इस घटना को शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर पुलिस के अत्याचार के तौर पर दिखाया गया है, वहीं अखबारों की रिपोर्ट में दोनों पक्षों की बातें सामने आई हैं। कोर्ट ने कहा कि पुलिस की कार्रवाई से जुड़े आरोपों की जांच तब तक नहीं की जा सकती जब तक राज्य को तथ्य बताने का मौका न दिया जाए।

कोर्ट ने रायगढ़ा के SP, DSP और कांतामल व सागाबारी के सरपंचों को संयुक्त रूप से मौके पर जाकर जांच करने और अगली सुनवाई में रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया। साथ ही, राज्य को तीन सप्ताह के भीतर हलफनामा दाखिल करने का भी निर्देश दिया।

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