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ओडिशा सरकार का बड़ा फैसला, गिरफ्तार OT&AS अधिकारी भीमसेन टुडू बर्खास्त

Kavita2
27 Jun 2026 2:22 PM IST
ओडिशा सरकार का बड़ा फैसला, गिरफ्तार OT&AS अधिकारी भीमसेन टुडू बर्खास्त
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Odisha ओडिशा: सरकार ने ओडिशा टैक्सेशन एंड अकाउंट्स सर्विस (OT&AS) के हाल ही में भर्ती हुए अधिकारी भीमसेन टुडू को सेवा से बर्खास्त कर दिया है। यह कार्रवाई एक आपराधिक मामले में गिरफ्तारी के बाद की गई है। मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) ने शनिवार को इसकी जानकारी देते हुए बताया कि राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी के निर्देशों पर यह सख्त कदम उठाया है।

सरकारी आदेश के अनुसार, भीमसेन टुडू की सेवा तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी गई है। इसके साथ ही सरकार ने यह भी निर्णय लिया है कि उन्हें भविष्य में किसी भी प्रकार की सरकारी नौकरी के लिए अयोग्य घोषित किया जाएगा, जिससे वे किसी भी सरकारी पद पर दोबारा नियुक्त नहीं हो सकेंगे।

सूत्रों के मुताबिक, भीमसेन टुडू हाल ही में OT&AS के लिए चयनित हुए थे और भुवनेश्वर स्थित मधुसूदन दास रीजनल एकेडमी ऑफ फाइनेंशियल मैनेजमेंट (MDRAFM) में इंडक्शन ट्रेनिंग ले रहे थे। ट्रेनिंग के दौरान उन्हें प्रशासनिक और वित्तीय सेवाओं से संबंधित प्रारंभिक प्रशिक्षण दिया जा रहा था।

अधिकारियों ने बताया कि टुडू 4 जून, 2026 से प्रशिक्षण कार्यक्रम से अनुपस्थित थे और उन्होंने एकेडमी की अंतिम परीक्षा में भी भाग नहीं लिया था। उनकी अनुपस्थिति के बाद संस्थान द्वारा संबंधित जानकारी प्रशासन को भेजी गई थी।

इसी बीच, बारंग पुलिस ने उन्हें एक आपराधिक मामले के सिलसिले में गिरफ्तार किया था। बताया जा रहा है कि यह मामला एक मौत से जुड़ा हुआ है, जिसकी जांच पुलिस द्वारा की जा रही है। गिरफ्तारी के बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

सरकार का कहना है कि किसी भी सरकारी सेवा में ईमानदारी और चरित्र की शुद्धता सबसे महत्वपूर्ण है, और इस तरह के गंभीर आपराधिक मामलों में शामिल व्यक्तियों को सेवा में बनाए रखना उचित नहीं है। इसी को ध्यान में रखते हुए यह कार्रवाई की गई है।

CMO ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार भ्रष्टाचार, अपराध और अनुशासनहीनता के मामलों में किसी भी तरह की ढिलाई नहीं बरतेगी। प्रशासनिक व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही बनाए रखने के लिए इस तरह के कड़े कदम आगे भी जारी रहेंगे।

इस फैसले के बाद प्रशासनिक हलकों में भी चर्चा तेज हो गई है। कई अधिकारियों का मानना है कि यह कदम नए भर्ती अधिकारियों के लिए एक सख्त संदेश है कि सेवा में रहते हुए किसी भी प्रकार की गैरकानूनी गतिविधि बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

कुल मिलाकर, ओडिशा सरकार का यह निर्णय न केवल एक व्यक्ति विशेष के खिलाफ कार्रवाई है, बल्कि यह सरकारी सेवाओं में अनुशासन और सख्ती बनाए रखने की दिशा में एक स्पष्ट संकेत भी माना जा रहा है।

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