ओडिशा

ओडिशा सरकार बाढ़ पीड़ितों को देगी मुआवजा, तीन दिन में नुकसान की रिपोर्ट मांगी

Kavita2
30 July 2026 2:35 PM IST
ओडिशा सरकार बाढ़ पीड़ितों को देगी मुआवजा, तीन दिन में नुकसान की रिपोर्ट मांगी
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भुवनेश्वर। ओडिशा में लगातार हो रही भारी बारिश और बाढ़ से प्रभावित लोगों को राहत पहुंचाने के लिए राज्य सरकार ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। सरकार ने बाढ़ प्रभावित जिलों के सभी जिला कलेक्टरों को निर्देश दिया है कि वे तीन दिनों के भीतर नुकसान का विस्तृत आकलन कर रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंपें। इस रिपोर्ट के आधार पर प्रभावित परिवारों को मुआवजा प्रदान किया जाएगा।

राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के सचिव अरबिंद पाधी ने स्पष्ट किया कि जिला प्रशासन को फसलों के नुकसान, क्षतिग्रस्त मकानों और बाढ़ से हुए अन्य आर्थिक नुकसान का विस्तृत विवरण तैयार करना होगा। उन्होंने कहा कि सभी जिलों से प्राप्त रिपोर्टों का सत्यापन करने के बाद ही प्रभावित लोगों के खातों में मुआवजे की राशि जारी की जाएगी।

तीन दिन में देना होगा पूरा ब्यौरा

अरबिंद पाधी ने कहा कि सरकार चाहती है कि राहत कार्यों में किसी तरह की देरी न हो। इसलिए सभी जिला कलेक्टरों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में सर्वेक्षण कर जल्द से जल्द नुकसान का वास्तविक आकलन करें।

उन्होंने कहा, "जिला कलेक्टरों से कहा गया है कि वे तीन दिनों के भीतर फसल के नुकसान, प्रभावित घरों और अन्य नुकसान की विस्तृत रिपोर्ट जमा करें। इन रिपोर्टों के आधार पर ही मुआवजा दिया जाएगा।"

सरकार का मानना है कि समयबद्ध सर्वेक्षण से राहत वितरण की प्रक्रिया तेज होगी और प्रभावित परिवारों को शीघ्र आर्थिक सहायता मिल सकेगी।

बाढ़ से कई जिले प्रभावित

ओडिशा के कई हिस्सों में पिछले कुछ दिनों से लगातार हो रही भारी बारिश के कारण नदियां उफान पर हैं। कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं। निचले इलाकों में पानी भर जाने से हजारों लोगों का जनजीवन प्रभावित हुआ है। कई गांवों का संपर्क मुख्य सड़कों से टूट गया है, जबकि कृषि भूमि भी जलमग्न हो गई है।

प्रशासन के अनुसार, सबसे अधिक नुकसान कृषि क्षेत्र को हुआ है। धान और अन्य खरीफ फसलों के बड़े हिस्से में पानी भर जाने से किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। इसके अलावा कई कच्चे मकान भी क्षतिग्रस्त हुए हैं और लोगों की घरेलू संपत्ति को भी नुकसान पहुंचा है।

फसल और मकानों का होगा अलग-अलग आकलन

राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग ने जिला प्रशासन को निर्देश दिया है कि सर्वेक्षण के दौरान नुकसान की श्रेणियां अलग-अलग तैयार की जाएं। इसमें कृषि फसलों को हुए नुकसान, पूरी तरह और आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त मकानों, पशुधन की हानि तथा अन्य सार्वजनिक और निजी संपत्तियों को हुए नुकसान का अलग-अलग विवरण शामिल किया जाएगा।

इससे मुआवजा वितरण में पारदर्शिता बनी रहेगी और प्रत्येक प्रभावित परिवार को वास्तविक नुकसान के अनुसार सहायता मिल सकेगी।

राहत और बचाव कार्य जारी

राज्य सरकार ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्य तेज कर दिए हैं। जिला प्रशासन, अग्निशमन विभाग, ओडिशा आपदा त्वरित कार्रवाई बल (ODRAF) और अन्य एजेंसियां लगातार प्रभावित इलाकों में सक्रिय हैं।

राहत शिविरों में विस्थापित लोगों के लिए भोजन, पेयजल, दवाइयों और अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था की गई है। प्रशासन जरूरतमंद परिवारों तक राहत सामग्री पहुंचाने के लिए लगातार अभियान चला रहा है।

किसानों को राहत की उम्मीद

सरकार के इस निर्णय से सबसे अधिक उम्मीद किसानों को है, जिनकी फसलें बाढ़ में बर्बाद हो गई हैं। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि समय पर आर्थिक सहायता मिलने से किसान अगली फसल की तैयारी कर सकेंगे और उन्हें आर्थिक संकट से कुछ राहत मिलेगी।

ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों का कहना है कि कई परिवारों के घरों में पानी घुस गया, जिससे घरेलू सामान और खाद्यान्न भी खराब हो गए। ऐसे परिवारों को भी सरकारी सहायता का इंतजार है।

पारदर्शी प्रक्रिया पर जोर

सरकार ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि नुकसान के आकलन में पूरी पारदर्शिता बरती जाए। किसी भी पात्र परिवार को राहत से वंचित न रखा जाए और किसी अपात्र व्यक्ति को लाभ न मिले, इसके लिए सभी रिपोर्टों का सत्यापन किया जाएगा।

राज्य सरकार ने यह भी कहा है कि यदि किसी क्षेत्र में अतिरिक्त नुकसान की सूचना मिलती है तो वहां दोबारा सर्वेक्षण कराया जाएगा, ताकि किसी भी प्रभावित व्यक्ति के साथ अन्याय न हो।

मौसम विभाग ने जारी की चेतावनी

इस बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने राज्य के कई हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक भारी बारिश की संभावना जताई है। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने, नदी-नालों के किनारे जाने से बचने और स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करने की अपील की है।

ओडिशा सरकार का यह निर्णय बाढ़ प्रभावित लोगों को शीघ्र राहत पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अब जिला प्रशासन की रिपोर्ट के आधार पर प्रभावित परिवारों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे वे प्राकृतिक आपदा से हुए नुकसान की भरपाई कर सकें और सामान्य जीवन की ओर लौट सकें।

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