
Odisha ओडिशा: सरकार ने रेवेन्यू सर्विस की डिलीवरी को और बेहतर बनाने के लिए WhatsApp पर आधारित ‘अमा साथी’ चैटबॉट को अपग्रेड करने का फैसला किया है। यह पहल राज्य में नागरिकों के लिए शिकायत दर्ज करना और सरकारी सेवाओं तक पहुंच आसान बनाने के उद्देश्य से की जा रही है।
रेवेन्यू और डिज़ास्टर मैनेजमेंट मिनिस्टर सुरेश पुजारी ने हाई-लेवल रिव्यू मीटिंग में अधिकारियों को निर्देश दिया कि चैटबॉट को नागरिक-केंद्रित बनाया जाए और इसके जरिए जनता अपनी समस्याओं और शिकायतों को आसानी से दर्ज कर सके। अधिकारियों ने कहा कि अपग्रेड के बाद शिकायतें सीधे तहसीलदारों और संबंधित अधिकारियों तक पहुंचेगी, जिससे रियल-टाइम कार्रवाई संभव होगी।
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि पूरी प्रक्रिया का रियल-टाइम मॉनिटरिंग सिस्टम मंत्री और वरिष्ठ अधिकारियों के लिए उपलब्ध रहेगा। इससे न केवल शिकायतों का त्वरित निवारण होगा, बल्कि सिस्टम की पारदर्शिता और जवाबदेही भी बढ़ेगी।
इस सर्विस को और प्रभावी बनाने के लिए रेवेन्यू डिपार्टमेंट में विशेष अधिकारियों को WhatsApp आधारित सिस्टम के संचालन और मॉनिटरिंग के लिए तैनात किया जाएगा। अपग्रेड के बाद नागरिकों को शिकायत निवारण के बाद फीडबैक देने का विकल्प भी मिलेगा, जिससे सेवा की गुणवत्ता और सुधार पर निगरानी रखी जा सकेगी।
सरकार ने नए भर्ती हुए OAS और ORS अधिकारियों के लिए रेवेन्यू ऑफिसर्स ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट (ROTI) में विशेष प्रशिक्षण का भी निर्णय लिया है। इस प्रशिक्षण में अधिकारियों को चैटबॉट के माध्यम से रेवेन्यू सर्विस और शिकायत निवारण को संभालने की पूरी जानकारी दी जाएगी। इसके अलावा, पूरे राज्य में तहसीलदारों और अन्य रेवेन्यू अधिकारियों के लिए वर्चुअल ट्रेनिंग सेशन आयोजित किए जाएंगे, ताकि उन्हें डिजिटल प्रणाली का पूरा ज्ञान हो और वे नागरिकों की मदद प्रभावी ढंग से कर सकें।
अधिकारियों ने बताया कि अपग्रेड के बाद चैटबॉट के जरिए शिकायतें दर्ज करने की प्रक्रिया सरल और त्वरित होगी। नागरिक अब WhatsApp के ज़रिए अपनी शिकायत दर्ज कर सकेंगे, समस्या की स्थिति देख सकेंगे और समाधान की जानकारी भी पा सकेंगे। यह कदम राज्य में डिजिटल गवर्नेंस और सरकारी सेवाओं की दक्षता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
सरकार ने कहा कि इस प्रणाली के माध्यम से न केवल शिकायत निवारण में तेजी आएगी, बल्कि नागरिकों का विश्वास भी सरकारी प्रणाली पर बढ़ेगा। यह पहल राज्य में ई-गवर्नेंस और डिजिटल सर्विसेज़ को और मजबूती देने का प्रयास है।





