ओडिशा

ओडिशा सरकार बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए तैयार, मंत्री ने की उच्च-स्तरीय समीक्षा बैठक

SHIDDHANT
29 July 2026 12:03 AM IST
ओडिशा सरकार बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए तैयार, मंत्री ने की उच्च-स्तरीय समीक्षा बैठक
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Bhubaneswar भुवनेश्वर। ओडिशा में लगातार हो रही बारिश के कारण कई इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति बन गई है। हालात से निपटने के लिए राज्य सरकार ने तैयारियां तेज कर दी हैं। मंगलवार को राजस्व और आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें मौजूदा स्थिति और राहत तैयारियों की समीक्षा की गई। बैठक में मंत्री सुरेश पुजारी ने कहा कि राज्य सरकार सभी जिला प्रशासन के साथ मिलकर लोगों की सुरक्षा और राहत के लिए जरूरी कदम उठा रही है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे घबराएं नहीं और प्रशासन की ओर से उपलब्ध कराई जा रही सहायता का लाभ उठाएं। साथ ही सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ लगातार सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
मंत्री ने बताया कि आनंदपुर और अखुआपाड़ा में बैतरणी और जलका नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया है। वहीं ब्राह्मणी और स्वर्णरेखा नदियों के जलस्तर पर भी प्रशासन लगातार नजर बनाए हुए है। पिछले 24 घंटों में बालासोर जिले में सबसे अधिक बारिश दर्ज की गई है, जबकि भद्रक और जाजपुर जिले भी भारी बारिश से प्रभावित हुए हैं। अगले 12 घंटे को महत्वपूर्ण बताते हुए विशेष राहत आयुक्त (SRC) कार्यालय को लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। निचले इलाकों और जोखिम वाले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की प्रक्रिया तेज करने को कहा गया है।
बालासोर, भद्रक और जाजपुर जिलों में NDRF और ODRAF की टीमें तैनात कर दी गई हैं। सभी जिलों के कलेक्टर और ब्लॉक विकास अधिकारियों को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस ने रात की गश्त बढ़ा दी है और राहत शिविरों में महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा के लिए महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। सरकार ने राहत शिविरों में भोजन, पेयजल और जरूरी सुविधाओं की व्यवस्था सुनिश्चित की है। स्वास्थ्य विभाग को दवाओं और एंटी-स्नेक वेनम की उपलब्धता बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। पशुधन की सुरक्षा के लिए चारे का पर्याप्त इंतजाम किया गया है। राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र 24 घंटे स्थिति पर नजर रख रहा है। प्रशासन ने अधिकारियों को नुकसान का आकलन कर प्रभावित परिवारों को नियमों के अनुसार जल्द मुआवजा देने के निर्देश भी दिए हैं।
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