
Odisha ओडिशा: सरकार के हाउसिंग और अर्बन डेवलपमेंट विभाग ने मानसून 2026 को ध्यान में रखते हुए सभी शहरी स्थानीय निकायों (ULBs) के लिए एक विस्तृत स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) जारी किया है। यह पहल शहरी क्षेत्रों में बाढ़, जलभराव और आपदा प्रबंधन की तैयारियों को मजबूत करने के उद्देश्य से की गई है।
यह SOP हाउसिंग और अर्बन डेवलपमेंट मंत्री कृष्ण चंद्र महापात्रा के निर्देश पर जारी किया गया है। इसमें स्पष्ट रूप से कहा गया है कि सभी दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन किया जाए और किसी भी प्रकार की लापरवाही को गंभीरता से लिया जाएगा। सरकार ने इस कदम को शहरी लचीलापन और आपदा तैयारी के प्रति अपनी प्रतिबद्धता के रूप में बताया है।
निर्देशों के अनुसार, सभी ULBs को शहरों में मौजूद मैनहोल सहित पूरे ड्रेनेज सिस्टम का 100 प्रतिशत सत्यापन करना होगा। खराब मैनहोल की तुरंत मरम्मत या सुरक्षित ढकने की व्यवस्था को प्राथमिकता देने को कहा गया है। जहां मरम्मत संभव न हो, वहां चेतावनी संकेत और सुरक्षा जाल जैसी अस्थायी व्यवस्थाएं अनिवार्य की गई हैं।
इसके अलावा, भारी बारिश के दौरान जलभराव को रोकने के लिए नालों की नियमित सफाई और गाद निकालने का कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही, जल निकासी मार्गों में बाधा डालने वाले अवैध अतिक्रमण को तुरंत हटाने पर भी जोर दिया गया है।
शहरों में बार-बार होने वाले जलभराव की समस्या को देखते हुए कमजोर और निचले इलाकों की पहचान कर वहां विशेष तैयारी की जाएगी। इन क्षेत्रों में जल निकासी के लिए पंप सेट और DG सेट की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत पानी निकाला जा सके।
शहरी क्षेत्रों को अलग-अलग ऑपरेशनल जोन में बांटा जाएगा और प्रत्येक जोन की जिम्मेदारी निर्धारित अधिकारियों को सौंपी जाएगी। ये अधिकारी मानसून के दौरान आपात स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया और समन्वय सुनिश्चित करेंगे।
आपदा प्रबंधन को मजबूत करने के लिए मल्टी-पर्पस साइक्लोन शेल्टर (MCS) को भी तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं। इन शेल्टरों को स्कूल और कॉलेज जैसे सार्वजनिक संस्थानों के साथ मिलाकर अस्थायी राहत केंद्र के रूप में उपयोग किया जाएगा। यहां पेयजल, स्वच्छता और बिजली जैसी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
इसके साथ ही कमजोर वर्गों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान देने की बात कही गई है। महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा के लिए महिला होमगार्ड और पर्याप्त सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की जाएगी ताकि आपदा के समय किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।
सरकार का यह कदम शहरी क्षेत्रों में मानसून के दौरान संभावित जोखिमों को कम करने और आपात स्थितियों से प्रभावी ढंग से निपटने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है।





