
Odisha ओडिशा: ओडिशा सरकार ने राज्य के हर पात्र शहरी परिवार को पक्का घर उपलब्ध कराने के अपने संकल्प को एक बार फिर दोहराया है। इसी दिशा में हाउसिंग और अर्बन डेवलपमेंट मंत्री डॉ. कृष्ण चंद्र महापात्रा ने शनिवार को बारीपदा में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) – PMAY-U 2.0 के तहत 61 लाभार्थियों को वर्क ऑर्डर वितरित किए।
यह वर्क ऑर्डर बारीपदा नगर पालिका द्वारा आयोजित एक विशेष कार्यक्रम के दौरान प्रदान किए गए, जिसका उद्देश्य राज्य सरकार के “हर पात्र परिवार को पक्का घर” के लक्ष्य को आगे बढ़ाना है। इस मौके पर बड़ी संख्या में लाभार्थी और स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री डॉ. महापात्रा ने कहा कि मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी के नेतृत्व में शहरी क्षेत्रों में गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों को सुरक्षित और स्थायी आवास उपलब्ध कराना सरकार की शीर्ष प्राथमिकताओं में शामिल है।
उन्होंने कहा कि सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए लगातार काम कर रही है कि कोई भी पात्र लाभार्थी आवास योजना से वंचित न रहे। मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत सभी जरूरतमंद परिवारों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना सरकार का लक्ष्य है।
मंत्री ने अपने संबोधन में कहा, “राज्य के हर परिवार के लिए पक्का घर का सपना साकार होना चाहिए। सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए पूरी कोशिश कर रही है कि कोई भी पात्र लाभार्थी हाउसिंग सुरक्षा नेटवर्क से बाहर न रहे।”
उन्होंने 61 लाभार्थी परिवारों को बधाई देते हुए कहा कि इन वर्क ऑर्डर के मिलने से अब वे अपने घर निर्माण की प्रक्रिया शुरू कर सकेंगे। मंत्री ने उम्मीद जताई कि नए घरों के माध्यम से इन परिवारों को बेहतर सुरक्षा, सम्मान और जीवन स्तर में सुधार मिलेगा।
कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों ने बताया कि PMAY-U 2.0 के तहत शहरी क्षेत्रों में आवासहीन परिवारों की पहचान कर उन्हें चरणबद्ध तरीके से लाभ दिया जा रहा है। योजना का उद्देश्य शहरी गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों को स्थायी आवास सुविधा उपलब्ध कराना है।
स्थानीय प्रशासन के अनुसार, बारीपदा में इस योजना के तहत आगे भी पात्र लाभार्थियों को चिन्हित कर वर्क ऑर्डर और सहायता प्रदान की जाएगी, ताकि कोई भी जरूरतमंद परिवार इस योजना से वंचित न रहे।
कुल मिलाकर, ओडिशा सरकार की यह पहल शहरी आवास नीति को मजबूत करने और “सबके लिए आवास” के लक्ष्य को तेजी से पूरा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।





