ओडिशा

Odisha : सरकार ने रिवरफ्रंट और वॉटरबॉडी डेवलपमेंट के लिए 500 करोड़ की नई स्कीम की घोषणा

Kavita2
9 Jun 2026 9:27 AM IST
Odisha : सरकार ने रिवरफ्रंट और वॉटरबॉडी डेवलपमेंट के लिए 500 करोड़ की नई स्कीम की घोषणा
x

Odisha ओडिशा: सरकार ने शहरी क्षेत्रों और शहरों के किनारे बहने वाली नदियों और जलाशयों को पुनर्जीवित करने के लिए एक महत्वाकांक्षी योजना की घोषणा की है। मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी की अध्यक्षता वाली राज्य कैबिनेट ने सोमवार को ‘वाटरफ्रंट डेवलपमेंट स्कीम’ को मंजूरी दी। इस योजना के लिए पांच वर्षों में कुल 500 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है।

सरकार ने बताया कि इस स्कीम का मुख्य उद्देश्य शहरों के रिवरफ्रंट और शहरी वॉटरबॉडीज़ को फिर से जीवन्त बनाना है। इन जल स्रोतों को केवल साफ और संरक्षित करना ही नहीं, बल्कि उन्हें जनता के लिए सुलभ, पर्यावरण के अनुकूल और मनोरंजन तथा सामाजिक गतिविधियों के लिए उपयोगी स्थानों में बदलना है। इससे न केवल शहरी जीवन की गुणवत्ता में सुधार होगा, बल्कि पर्यावरणीय संतुलन को भी स्थायी रूप से बनाए रखा जा सकेगा।

इस योजना को लागू करने में हाउसिंग एंड अर्बन डेवलपमेंट (H&UD) डिपार्टमेंट की अहम भूमिका होगी। इसके साथ ही, डेवलपमेंट अथॉरिटीज़ और अर्बन लोकल बॉडीज़ (ULBs) भी इस पहल में शामिल होंगे। सरकार का उद्देश्य विभिन्न विभागों और स्थानीय संस्थाओं के समन्वित प्रयास से योजनाओं को प्रभावी और समयबद्ध तरीके से लागू करना है।

स्कीम के तहत चुने गए रिवरफ्रंट और वॉटरबॉडीज़ को साफ-सुथरा, सुरक्षित और आकर्षक बनाने के लिए आधुनिक इन्फ्रास्ट्रक्चर विकसित किया जाएगा। इसमें पैदल चलने के मार्ग, बोटिंग और मनोरंजन की सुविधाएँ, गार्डन, लाइटिंग सिस्टम और सार्वजनिक बैठने के क्षेत्र शामिल होंगे। इसके अलावा, वॉटरबॉडीज़ के आसपास हरियाली और पौधरोपण पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, जिससे शहरी वातावरण में ताजगी और स्वच्छता बढ़े।

राज्य सरकार ने यह भी कहा कि इस पहल का मकसद केवल सौंदर्यीकरण नहीं है, बल्कि शहरी इकोसिस्टम को मजबूत करना और प्राकृतिक संसाधनों का सतत उपयोग सुनिश्चित करना है। यह योजना नागरिकों, पर्यटकों और स्थानीय समुदायों की जरूरतों को ध्यान में रखकर बनाई गई है। इसके तहत विकास कार्य ऐसे होंगे जो लंबी अवधि में टिकाऊ और समावेशी हों।

मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने कहा कि शहरों में जल स्रोतों और रिवरफ्रंट्स का विकास शहरी जीवन की गुणवत्ता में सुधार लाने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने कहा कि इस योजना से न केवल जलाशयों और नदियों की सुरक्षा होगी, बल्कि यह स्थानीय लोगों और पर्यटकों के लिए नई सार्वजनिक और मनोरंजन की जगहें भी प्रदान करेगी।

विशेषज्ञों का मानना है कि शहरी वॉटरबॉडीज़ का संरक्षण और विकास शहरी जल प्रबंधन और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा कदम है। इससे बाढ़ नियंत्रण, जल स्तर में सुधार और जल की गुणवत्ता में सुधार भी संभव हो पाएगा।

कुल मिलाकर, ‘वाटरफ्रंट डेवलपमेंट स्कीम’ ओडिशा में शहरी विकास और पर्यावरण संरक्षण दोनों को संतुलित करने वाली एक महत्वाकांक्षी पहल है। यह योजना न केवल शहरों को सुंदर और स्वच्छ बनाएगी, बल्कि स्थानीय समुदायों और पर्यटन क्षेत्र को भी लाभान्वित करेगी, जिससे राज्य के समग्र शहरी विकास को मजबूती मिलेगी।

Next Story