ओडिशा

Odisha : ईंधन संकट की आशंका, डीजल की बढ़ती मांग और सप्लाई बाधाओं से चिंता

Kavita2
7 May 2026 9:38 AM IST
Odisha : ईंधन संकट की आशंका, डीजल की बढ़ती मांग और सप्लाई बाधाओं से चिंता
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Odisha ओडिशा: ओडिशा में आने वाले दिनों में फ्यूल सप्लाई को लेकर संकट की आशंका जताई जा रही है। मार्केट एनालिस्ट का कहना है कि डीजल की बढ़ती मांग, सप्लाई में बाधा और मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव का असर राज्य की ईंधन आपूर्ति पर पड़ सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार यदि स्थिति इसी तरह बनी रही तो ओडिशा में भी ईंधन की कमी जैसी समस्या सामने आ सकती है।

यह चिंता तब और बढ़ गई जब पिछले सप्ताह पड़ोसी राज्य आंध्र प्रदेश में 400 से अधिक पेट्रोल पंपों पर ईंधन खत्म हो गया था, जिसके कारण वाहन चालकों को घंटों लंबी कतारों में खड़ा रहना पड़ा। इसका असर ओडिशा के मलकानगिरी, कालाहांडी और संबलपुर जैसे क्षेत्रों में भी देखा गया, जहां कई पेट्रोल पंपों पर डीजल और पेट्रोल की उपलब्धता प्रभावित हुई।

रिपोर्ट्स के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के कारण इंडस्ट्रियल डीजल की कीमतों में भी तेज बढ़ोतरी हुई है। बताया जा रहा है कि हाल ही में हुए US-ईरान संघर्ष के बाद तेल कंपनियों से सीधे खरीदे जाने वाले इंडस्ट्रियल डीजल की कीमत लगभग 89 रुपये प्रति लीटर से बढ़कर करीब 150 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गई है। वहीं दूसरी ओर रिटेल पेट्रोल पंपों पर डीजल लगभग 92 रुपये प्रति लीटर के आसपास बिक रहा है।

कीमतों में इस बड़े अंतर के कारण कई औद्योगिक इकाइयों ने अब सीधे तेल कंपनियों से डीजल खरीदना कम कर दिया है और पब्लिक पेट्रोल पंपों से ईंधन लेना शुरू कर दिया है। इससे रिटेल फ्यूल स्टेशनों पर दबाव काफी बढ़ गया है। पेट्रोल पंप संचालकों का कहना है कि औद्योगिक और निजी वाहनों में फर्क कर पाना मुश्किल हो गया है, जिससे प्रबंधन में दिक्कतें आ रही हैं।

इसके अलावा इंडस्ट्री में उपयोग होने वाले फ्यूल ऑयल की सप्लाई भी राज्य में बाधित बताई जा रही है, जिससे कंपनियां डीजल को वैकल्पिक ईंधन के रूप में अधिक उपयोग कर रही हैं। इससे रिटेल बाजार पर अतिरिक्त दबाव बढ़ गया है।

आंकड़ों के अनुसार, ओडिशा में सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों के पेट्रोल पंपों पर अप्रैल महीने में डीजल की बिक्री पिछले वर्ष की तुलना में 22 प्रतिशत से अधिक बढ़ी है, जबकि पेट्रोल की बिक्री में लगभग 14.85 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।

मार्केट एनालिस्ट का कहना है कि हाल के चुनावी दौर में ईंधन आपूर्ति अपेक्षाकृत स्थिर रही थी, लेकिन अब चुनाव समाप्त होने के बाद स्थिति बदल सकती है। यदि अन्य राज्यों में भी ईंधन की मांग बढ़ती है तो ओडिशा में भी आंध्र प्रदेश जैसे हालात बनने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि अगर सप्लाई चेन और मांग के बीच संतुलन नहीं बनाया गया तो आने वाले समय में ईंधन संकट गंभीर रूप ले सकता है, जिसका असर आम जनता और उद्योग दोनों पर पड़ेगा।

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