ओडिशा

Odisha : किसान ने इच्छा-मृत्यु की मांग की, धान बिक्री में दिक्कत और कर्ज के दबाव का आरोप

Kavita2
24 Jun 2026 5:51 PM IST
Odisha : किसान ने इच्छा-मृत्यु की मांग की, धान बिक्री में दिक्कत और कर्ज के दबाव का आरोप
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Odisha ओडिशा: बरगढ़ जिले से एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां एक किसान ने इच्छा-मृत्यु (यूथेनेशिया) की अनुमति की मांग की है। किसान का आरोप है कि सरकारी खरीद केंद्र (मंडी) में धान बेचने में लगातार आ रही परेशानियों और कर्ज के भारी दबाव के कारण वह मानसिक तनाव से गुजर रहा है।

यह मामला बरगढ़ जिले के मेलछमुंडा गांव के किसान गोपाल कृष्ण साहू से जुड़ा है। उन्होंने राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और ओडिशा के मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर इच्छा-मृत्यु की अनुमति मांगी है। जानकारी के अनुसार, उन्होंने यह पत्र जिला कलेक्टर के माध्यम से भेजा है।

अपने पत्र में किसान ने आरोप लगाया है कि उन्होंने सरकारी मंडी में धान बेचने के लिए टोकन के लिए आवेदन किया था, लेकिन लंबे समय बाद भी उन्हें टोकन जारी नहीं किया गया। इसके कारण वे अपनी फसल को सरकारी खरीद प्रणाली के तहत बेच नहीं पाए।

किसान का कहना है कि उन्होंने धान की खेती के लिए विभिन्न स्रोतों से कर्ज लिया था और इस उम्मीद में थे कि मंडी में बिक्री के बाद वे अपना कर्ज चुका देंगे। लेकिन खरीद प्रक्रिया में देरी और प्रशासनिक बाधाओं के कारण उनकी आर्थिक स्थिति बिगड़ गई।

स्थिति बिगड़ने पर उन्होंने अपनी उपज का कुछ हिस्सा निजी व्यापारियों को कम कीमत पर बेच दिया, ताकि परिवार के जरूरी खर्च और अपनी मां के इलाज के लिए पैसे जुटा सकें।

गोपाल कृष्ण साहू ने अपने पत्र में लिखा कि वे लगातार मानसिक तनाव में हैं क्योंकि कर्ज चुकाने और परिवार की जरूरतों को पूरा करने का कोई स्पष्ट रास्ता नहीं दिख रहा है। उन्होंने कहा कि कई बार कलेक्टर कार्यालय में शिकायत करने के बावजूद उनकी समस्या का समाधान नहीं हुआ।

किसान ने आरोप लगाया कि सरकारी खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता और समयबद्धता की कमी के कारण छोटे किसानों को सबसे ज्यादा नुकसान उठाना पड़ता है। उनका कहना है कि वे अब पूरी तरह से निराश महसूस कर रहे हैं।

इस घटना ने एक बार फिर कृषि व्यवस्था और मंडी खरीद प्रक्रिया पर सवाल खड़े कर दिए हैं। किसान संगठनों ने भी इस मामले को गंभीर बताते हुए प्रशासन से तुरंत हस्तक्षेप की मांग की है।

स्थानीय स्तर पर प्रशासन ने अभी तक इस मामले पर आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है, लेकिन रिपोर्ट सामने आने के बाद मामले ने राजनीतिक और सामाजिक चर्चा को जन्म दे दिया है।

फिलहाल किसान की मांग और स्थिति को लेकर विभिन्न स्तरों पर जांच और बातचीत की संभावना जताई जा रही है।

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