ओडिशा

Odisha: दल-बदल रोकने के लिए कानून को और प्रभावी बनाने पर जोर

Payal
21 April 2026 8:22 PM IST
Odisha: दल-बदल रोकने के लिए कानून को और प्रभावी बनाने पर जोर
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Odisha.ओडिशा: राहुल नार्वेकर की अध्यक्षता वाली समिति ने पुरी में दल-बदल विरोधी कानून (Anti-Defection Law) की रूपरेखा और कार्यान्वयन की समीक्षा की। यह समीक्षा विशेष रूप से राजनीतिक स्थिरता सुनिश्चित करने और चुनाव प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से की गई। समिति में विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि और विधि विशेषज्ञ शामिल थे, जिन्होंने कानून के प्रभाव और इसके अनुपालन में आने वाली चुनौतियों पर विस्तृत चर्चा की।
समिति की बैठक में दल-बदल के मामलों में होने वाली कानूनी खामियों और उनके निवारण के उपायों पर विचार किया गया। राहुल नार्वेकर ने कहा कि कानून का उद्देश्य केवल विधायकों को रोकना नहीं है, बल्कि राजनीतिक जिम्मेदारी और लोकतांत्रिक स्थिरता बनाए रखना भी है। उन्होंने सभी दलों से सुझाव मांगे ताकि कानून सभी के लिए समान रूप से लागू और प्रभावी हो।
विशेषज्ञों ने समिति को बताया कि वर्तमान कानून में कुछ धारा और प्रक्रिया के मसले हैं, जिनके कारण राजनीतिक दलों और विधायकों के बीच विवाद बढ़ते हैं। इसके अलावा, दल-बदल के मामलों की समयबद्ध सुनवाई और निष्पक्ष निर्णय सुनिश्चित करने के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश और समयसीमा का होना आवश्यक है।
समिति ने यह भी विचार किया कि दल-बदल रोकने के उपायों में तकनीकी निगरानी और पारदर्शिता बढ़ाई जाए। उदाहरण के लिए, विधानसभा और विधान परिषद में होने वाली सदस्यता की जानकारी डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अपलोड करने की सिफारिश की गई। इससे विधायकों की गतिविधियों पर नजर रखने और लॉ लागू करने में आसानी होगी।
राजनीतिक दलों ने भी बैठक में अपनी राय दी। उन्होंने सुझाव दिया कि कानून के उल्लंघन पर कड़े और समयबद्ध दंड तय किए जाएं। इसके अलावा, दल-बदल के मामलों में सार्वजनिक जागरूकता बढ़ाने और नागरिकों को उनकी भूमिका समझाने की भी सिफारिश हुई।
समिति ने अंतिम रूप से अपने सुझाव और सुधारात्मक उपायों की रिपोर्ट तैयार करने का निर्णय लिया है। यह रिपोर्ट जल्द ही विधानसभा और संबंधित विभागों को प्रस्तुत की जाएगी। उम्मीद है कि इसके लागू होने से राजनीतिक स्थिरता और जवाबदेही बढ़ेगी, साथ ही चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता भी सुनिश्चित होगी।
पुरी में हुई इस समीक्षा बैठक ने यह संदेश दिया कि दल-बदल विरोधी कानून को सिर्फ नियम नहीं, बल्कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए एक उपकरण के रूप में देखा जाना चाहिए। समिति की सिफारिशों के बाद ओडिशा में राजनीतिक स्थिरता को बनाए रखने के लिए कानून में आवश्यक सुधार किए जा सकते हैं।
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