
Odisha ओडिशा: ओडिशा के नबरंगपुर जिले से एक गंभीर सामाजिक मामला सामने आया है, जहां एक बुजुर्ग व्यक्ति को पिछले तीन महीनों से बुढ़ापा पेंशन नहीं मिलने के कारण भीख मांगकर जीवन यापन करना पड़ रहा है। यह मामला पापड़ाहांडी ब्लॉक के मणिगांव पंचायत के मूसापाला गांव का बताया जा रहा है।
जानकारी के अनुसार, 70 वर्षीय दैतारी भत्रा पिछले कुछ दिनों से अपने गांव और आसपास के इलाकों में भीख मांगते नजर आ रहे हैं। उनकी हालत यह है कि उन्हें धुंधली नजर की समस्या है, जिसके कारण सामान्य काम करना भी मुश्किल हो गया है। इस कठिन परिस्थिति में उनकी पत्नी भी उनका सहारा बन रही हैं और उनके साथ गांव-गांव जाकर लोगों से मदद मांग रही हैं।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, यह दंपती अक्सर गर्मी और उमस भरे मौसम में घर-घर जाकर लोगों से सहायता मांगते हैं। आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर होने के कारण उनके पास आजीविका का कोई स्थायी साधन नहीं बचा है।
दैतारी भत्रा ने अपनी परेशानी बताते हुए कहा कि उन्हें पिछले तीन महीनों से बुढ़ापा पेंशन नहीं मिली है। उन्होंने बताया कि सरकार की ओर से उन्हें महीने में केवल 10 किलो चावल दिया जा रहा है, जिससे परिवार का गुजारा संभव नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि उनके दोनों बच्चे मानसिक रूप से कमजोर हैं और परिवार में कमाने वाला कोई अन्य सदस्य नहीं है, जिसके कारण स्थिति और भी कठिन हो गई है।
उन्होंने कहा कि मजबूरी में उन्हें और उनकी पत्नी को भीख मांगकर जीवन चलाना पड़ रहा है। यह स्थिति उनके लिए बेहद कठिन और अपमानजनक बन गई है, लेकिन मजबूरी में उन्हें यही रास्ता अपनाना पड़ रहा है।
इस मामले के सामने आने के बाद स्थानीय लोगों ने प्रशासन से तुरंत हस्तक्षेप करने की अपील की है। ग्रामीणों का कहना है कि बुजुर्ग व्यक्ति को जल्द से जल्द पेंशन का लाभ मिलना चाहिए और उसकी आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए जरूरी कदम उठाए जाने चाहिए।
ग्रामीणों ने यह भी मांग की है कि इस तरह की लापरवाही की जांच होनी चाहिए ताकि भविष्य में किसी भी बुजुर्ग को इस तरह की स्थिति का सामना न करना पड़े। लोगों का कहना है कि सरकारी योजनाओं का लाभ सही समय पर और सही व्यक्ति तक पहुंचना जरूरी है।
फिलहाल यह मामला स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बना हुआ है और लोग प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की उम्मीद कर रहे हैं। अधिकारी इस मामले की जांच और समाधान के लिए आवश्यक कदम उठाने की तैयारी में हैं।





