
Odisha ओडिशा: भारतीय जनता पार्टी (BJP) के उम्मीदवार देबाशीष सामंतराय गुरुवार को निर्विरोध राज्यसभा सदस्य के रूप में चुने गए। यह सीट उपचुनाव के जरिए भरी गई, लेकिन नामांकन वापस लेने की अंतिम तिथि समाप्त होने के बाद कोई अन्य उम्मीदवार मैदान में नहीं रहा, जिससे सामंतराय का चुनाव स्वतः पक्का हो गया।
भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने राज्यसभा उपचुनाव के लिए 18 जून, 2026 की तारीख तय की थी। उपचुनाव की आवश्यकता तब उत्पन्न हुई जब सामंतराय ने बीजू जनता दल (BJD) से इस्तीफा दिया और राज्यसभा से अपनी सीट खाली कर दी। उन्होंने BJD छोड़ने के तुरंत बाद भारतीय जनता पार्टी में शामिल होकर अपने चुनावी भविष्य को नया रूप दिया। BJP ने उन्हें राज्यसभा की खाली हुई सीट के लिए उम्मीदवार बनाया।
सामंतराय मूल रूप से फरवरी 2024 में बीजू जनता दल के उम्मीदवार के रूप में राज्यसभा के लिए चुने गए थे। उनका कार्यकाल अप्रैल 2030 तक होना था। हालांकि, सदन से इस्तीफा देने के कारण सीट खाली हो गई और उपचुनाव की प्रक्रिया शुरू हुई। उपचुनाव के दौरान, किसी अन्य पार्टी या निर्दलीय उम्मीदवार ने नामांकन नहीं भरा, जिससे उनका निर्विरोध चुनाव सुनिश्चित हो गया।
विशेषज्ञों के अनुसार, सामंतराय का निर्विरोध चुनाव राजनीतिक रणनीति और पार्टी समीकरणों का परिणाम है। बीजेपी ने राज्य में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए उन्हें उम्मीदवार बनाया, जबकि विपक्ष की ओर से कोई चुनौती नहीं दी गई। इससे पार्टी को उपचुनाव में सहज जीत मिली और संगठनात्मक संसाधनों की बचत भी हुई।
राज्यसभा में सामंतराय का यह कार्यकाल अप्रैल 2030 तक जारी रहेगा। निर्विरोध चुनाव से उन्हें बिना मुकाबले ऊपरी सदन में अपनी स्थिति बनाए रखने का अवसर मिला है। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि राज्य में बीजेपी की यह रणनीति पार्टी की स्थिरता और विधानसभा तथा संसद दोनों स्तरों पर प्रभाव को बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
उपचुनाव के दौरान निर्वाचन आयोग ने सभी आवश्यक प्रक्रियाओं और नियमों का पालन सुनिश्चित किया। नामांकन पत्रों की जांच के बाद कोई अन्य उम्मीदवार नहीं पाया गया और अंतिम घोषणा के साथ ही सामंतराय का चुनाव निर्विरोध घोषित कर दिया गया। निर्वाचन आयोग के अधिकारियों ने कहा कि प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता और संवैधानिक नियमों के तहत संपन्न हुई।
राज्यसभा में सामंतराय की वापसी से बीजेपी को ओडिशा में राजनीतिक लाभ मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। पार्टी अब अपने मौजूदा सदस्यों के साथ विधानसभा और केंद्रीय नीति निर्माण में अधिक सक्रिय भूमिका निभाने के लिए तैयार है।





