ओडिशा

Odisha : सरकारी डॉक्टरों पर सख्ती, ड्यूटी से लंबे समय तक अनुपस्थित रहने पर कार्रवाई के निर्देश

Kavita2
19 Jun 2026 9:55 AM IST
Odisha : सरकारी डॉक्टरों पर सख्ती, ड्यूटी से लंबे समय तक अनुपस्थित रहने पर कार्रवाई के निर्देश
x

Odisha ओडिशा: सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की कार्यप्रणाली को सुधारने के लिए राज्य सरकार ने सख्त कदम उठाए हैं। मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने गुरुवार को उन मेडिकल प्रोफेशनल्स के खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं जो लंबे समय से बिना अनुमति के ड्यूटी से अनुपस्थित हैं और मरीजों की देखभाल में लापरवाही बरत रहे हैं।

आधिकारिक जानकारी के अनुसार, राज्य के विभिन्न सरकारी अस्पतालों में कार्यरत 128 मेडिकल ऑफिसर और डेंटल सर्जन पिछले पांच वर्षों से अधिक समय से अपनी ड्यूटी से गायब हैं। इन चिकित्सकों की अनुपस्थिति से स्वास्थ्य सेवाओं पर असर पड़ रहा है और अस्पतालों में मरीजों को पर्याप्त सुविधा नहीं मिल पा रही है। सरकार की ओर से पहले समाचार पत्रों में विज्ञापन जारी कर इन अधिकारियों से उनकी स्थिति के बारे में जानकारी मांगी गई थी, लेकिन कई डॉक्टरों ने इस पर कोई जवाब नहीं दिया।

इस स्थिति पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग को निर्देश दिया है कि ऐसे सभी अधिकारियों के खिलाफ तत्काल अनुशासनात्मक कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की जाए जो बिना अनुमति लंबे समय से अनुपस्थित हैं। सरकार का मानना है कि इस तरह की लापरवाही को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जा सकता क्योंकि इससे सीधे तौर पर आम जनता की स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित होती हैं।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि सरकारी सेवा में जिम्मेदारी और अनुशासन सर्वोच्च प्राथमिकता है और मरीजों की सेवा में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि सभी मामलों की समीक्षा कर उचित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

इसी क्रम में एक अलग मामले में कंधमाल पुलिस अस्पताल की पूर्व मेडिकल ऑफिसर डॉ. बिचक्षणा पाणिग्रही को भी सरकारी सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। जानकारी के अनुसार, वह वर्ष 2012 से बिना किसी आधिकारिक अनुमति के ड्यूटी से अनुपस्थित थीं। विभाग की ओर से उन्हें कई बार नोटिस जारी किए गए और ड्यूटी पर लौटने तथा अनुपस्थिति का कारण बताने के निर्देश दिए गए, लेकिन उन्होंने किसी भी नोटिस का जवाब नहीं दिया।

लगातार अनुपस्थिति और निर्देशों की अवहेलना के बाद विभाग ने उनकी सेवा समाप्त करने का निर्णय लिया। इस कार्रवाई को सरकार की सख्त नीति का हिस्सा माना जा रहा है, जिसके तहत लंबे समय से गैरहाजिर कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जा रहे हैं।

राज्य सरकार के इस कदम को स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। प्रशासन का मानना है कि इस तरह की कार्रवाई से सरकारी अस्पतालों में कामकाज की गुणवत्ता में सुधार होगा और मरीजों को बेहतर सेवाएं मिल सकेंगी।

Next Story