
बालेश्वर। ओडिशा के बालेश्वर जिले में स्ट्रीटलाइट की खराब व्यवस्था को लेकर नगरपालिका पार्षदों ने अनोखे तरीके से विरोध प्रदर्शन किया। सोरो नगरपालिका क्षेत्र में लंबे समय से खराब पड़ी स्ट्रीटलाइटों की मरम्मत नहीं होने से नाराज पार्षदों ने नगरपालिका कार्यालय के गेट के सामने फास्ट-फूड स्टॉल लगा दिया।
पार्षदों का कहना है कि शहर के कई वार्डों में पिछले दो साल से अधिक समय से स्ट्रीटलाइटें खराब पड़ी हैं, लेकिन बार-बार शिकायत और विरोध के बावजूद समस्या का समाधान नहीं किया गया।
नगरपालिका प्रशासन के खिलाफ जताया विरोध
सोरो नगरपालिका के कई पार्षदों ने स्ट्रीटलाइटों की खराब स्थिति को लेकर नगरपालिका प्रशासन और संबंधित एजेंसी के खिलाफ नाराजगी जताई।
पार्षदों का आरोप है कि शहर के विभिन्न वार्डों में अंधेरा रहने से लोगों को परेशानी हो रही है। खासकर रात के समय आवाजाही करने वाले लोगों को सुरक्षा संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ता है।
उन्होंने कहा कि कई बार शिकायत करने के बाद भी स्ट्रीटलाइटों की मरम्मत नहीं कराई गई और न ही जिम्मेदार एजेंसी के खिलाफ कोई कार्रवाई की गई।
वार्ड 12 के पार्षद ने संभाली अगुवाई
इस विरोध प्रदर्शन की अगुवाई वार्ड नंबर 12 के पार्षद राजेंद्र मोहंती ने की।
पार्षदों ने नगरपालिका कार्यालय के मुख्य गेट के सामने फास्ट-फूड स्टॉल लगाया। उन्होंने कहा कि यह प्रदर्शन प्रशासन का ध्यान आकर्षित करने के लिए किया गया है।
उनका कहना है कि जब नगरपालिका और संबंधित एजेंसी खराब स्ट्रीटलाइटों को ठीक नहीं कर पा रही है तो अब वे खुद प्रयास कर समस्या का समाधान करने की कोशिश करेंगे।
फास्ट-फूड स्टॉल की कमाई से होगी मरम्मत
पार्षदों ने घोषणा की कि स्टॉल से होने वाली कमाई का इस्तेमाल खराब स्ट्रीटलाइटों की मरम्मत में किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि यह केवल विरोध नहीं, बल्कि प्रशासन को अपनी जिम्मेदारी याद दिलाने का एक तरीका है।
पार्षदों का कहना है कि लोगों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना नगरपालिका की जिम्मेदारी है, लेकिन लंबे समय से समस्या का समाधान नहीं किया जा रहा।
दो साल से बंद हैं कई स्ट्रीटलाइटें
स्थानीय लोगों के अनुसार, सोरो शहर के कई इलाकों में स्ट्रीटलाइटें लंबे समय से खराब हैं।
रात के समय सड़कों पर अंधेरा रहने से लोगों को आने-जाने में परेशानी होती है। स्थानीय निवासियों ने भी कई बार इस समस्या को उठाया है।
लोगों का कहना है कि त्योहारों और विशेष अवसरों पर भी कई इलाकों में प्रकाश व्यवस्था ठीक नहीं रहती।
एजेंसी पर लगाए लापरवाही के आरोप
पार्षदों ने स्ट्रीटलाइटों के रखरखाव की जिम्मेदारी संभालने वाली एजेंसी पर लापरवाही का आरोप लगाया है।
उनका कहना है कि एजेंसी को नियमित रूप से लाइटों की जांच और मरम्मत करनी चाहिए थी, लेकिन ऐसा नहीं किया गया।
पार्षदों ने यह भी आरोप लगाया कि शिकायतों के बावजूद एजेंसी के खिलाफ कोई सख्त कार्रवाई नहीं हुई।
प्रशासन से कार्रवाई की मांग
पार्षदों ने मांग की है कि खराब स्ट्रीटलाइटों की जल्द मरम्मत कराई जाए और जिम्मेदार एजेंसी के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
उन्होंने कहा कि अगर जल्द समाधान नहीं निकला तो वे आगे भी आंदोलन जारी रखेंगे।
लोगों के मुद्दे को उठाने का दावा
पार्षदों का कहना है कि उनका विरोध राजनीति से प्रेरित नहीं है, बल्कि यह आम लोगों की समस्या को सामने लाने का प्रयास है।
उन्होंने कहा कि स्ट्रीटलाइट जैसी बुनियादी सुविधा के लिए लोगों को लंबे समय तक इंतजार नहीं करना चाहिए।
अनोखे प्रदर्शन की चर्चा
नगरपालिका कार्यालय के बाहर लगाया गया फास्ट-फूड स्टॉल लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया।
कई लोगों ने पार्षदों के इस तरीके को समस्या की ओर ध्यान आकर्षित करने का अलग प्रयास बताया, जबकि कुछ लोगों ने इसे प्रशासन पर दबाव बनाने की रणनीति कहा।
फिलहाल सभी की नजर इस बात पर है कि नगरपालिका प्रशासन और संबंधित एजेंसी इस विरोध के बाद क्या कदम उठाती है।





