
भुवनेश्वर। हिंदी और मराठी सिनेमा के दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर के निधन से फिल्म जगत के साथ राजनीतिक क्षेत्र में भी शोक की लहर है। ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने गुरुवार, 8 अक्टूबर 2026 को नाना पाटेकर के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया। अभिनेता का गोवा में 75 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। मुख्यमंत्री ने अपने शोक संदेश में कहा कि नाना पाटेकर का निधन भारतीय सिनेमा के लिए एक बड़ी क्षति है। उन्होंने अभिनेता की असाधारण प्रतिभा, प्रभावशाली अभिनय और कला के क्षेत्र में दिए गए योगदान को याद किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि नाना पाटेकर ने अपने अभिनय के माध्यम से दर्शकों की कई पीढ़ियों के दिलों पर गहरी छाप छोड़ी है। उन्होंने भगवान जगन्नाथ से दिवंगत आत्मा की शांति और शोकाकुल परिवार को संबल प्रदान करने की प्रार्थना की।
मुख्यमंत्री मोहन माझी ने दी श्रद्धांजलि
ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने नाना पाटेकर के निधन पर सोशल मीडिया के माध्यम से शोक व्यक्त किया।
उन्होंने अभिनेता के योगदान को याद करते हुए कहा कि भारतीय सिनेमा ने एक असाधारण कलाकार खो दिया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नाना पाटेकर ने अपने दमदार अभिनय और अनूठी प्रतिभा से फिल्म जगत में विशेष पहचान बनाई।
उन्होंने गंभीर भूमिकाओं से लेकर हास्य किरदारों तक, विभिन्न प्रकार के पात्रों को प्रभावशाली तरीके से पर्दे पर प्रस्तुत किया।
मुख्यमंत्री ने उनके अभिनय को भारतीय सिनेमा की महत्वपूर्ण विरासत बताया।
भगवान जगन्नाथ से की प्रार्थना
मुख्यमंत्री माझी ने अपने शोक संदेश में महाप्रभु श्री जगन्नाथ का स्मरण करते हुए दिवंगत अभिनेता की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।
उन्होंने नाना पाटेकर के परिवार, मित्रों और प्रशंसकों के प्रति संवेदना व्यक्त की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि दुख की इस घड़ी में भगवान जगन्नाथ परिवार के सदस्यों और उनके चाहने वालों को शक्ति तथा सांत्वना प्रदान करें।
मुख्यमंत्री का यह संदेश नाना पाटेकर के प्रति उनके सम्मान और भारतीय सिनेमा में अभिनेता के योगदान को दर्शाता है।
गोवा में हुआ नाना पाटेकर का निधन
दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर का गुरुवार सुबह गोवा में निधन हो गया।
रिपोर्टों के अनुसार, अभिनेता को रात में स्वास्थ्य संबंधी परेशानी हुई थी। इसके बाद उन्हें चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराने का प्रयास किया गया।
उनकी तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टर उन्हें बचा नहीं सके।
समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार, नाना पाटेकर को हृदय गति रुकने की समस्या हुई थी।
उनके निधन की खबर सामने आते ही फिल्म जगत और प्रशंसकों के बीच शोक फैल गया।
नवीन पटनायक ने भी जताया दुख
ओडिशा के पूर्व मुख्यमंत्री और विपक्ष के नेता नवीन पटनायक ने भी नाना पाटेकर के निधन पर शोक व्यक्त किया।
उन्होंने कहा कि अभिनेता के निधन की खबर से उन्हें गहरा दुख हुआ है।
पटनायक ने नाना पाटेकर की विशिष्ट संवाद अदायगी और जटिल किरदारों को सहजता से निभाने की क्षमता की सराहना की।
उन्होंने कहा कि इन्हीं विशेषताओं के कारण नाना पाटेकर ने भारतीय सिनेमा में अलग स्थान बनाया।
पूर्व मुख्यमंत्री ने दिवंगत अभिनेता के परिवार, मित्रों और प्रशंसकों के प्रति संवेदना व्यक्त की।
ओडिशा के उपमुख्यमंत्रियों ने भी दी श्रद्धांजलि
नाना पाटेकर के निधन पर ओडिशा के उपमुख्यमंत्री कनक वर्धन सिंह देव और प्रवती परिडा ने भी दुख जताया।
दोनों नेताओं ने अभिनेता के फिल्मी योगदान को याद किया और उनके निधन को मनोरंजन जगत के लिए दुखद बताया।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भक्त चरण दास ने भी नाना पाटेकर को श्रद्धांजलि दी।
उन्होंने अभिनेता के योगदान को याद करते हुए कहा कि भारतीय सिनेमा में उनकी भूमिका हमेशा याद रखी जाएगी।
इस तरह ओडिशा में विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने एक स्वर में दिग्गज कलाकार को श्रद्धांजलि दी।
अभिनय से बनाई अलग पहचान
नाना पाटेकर भारतीय सिनेमा के उन कलाकारों में शामिल थे, जिन्होंने अपनी विशिष्ट अभिनय शैली से अलग पहचान बनाई।
उनके संवाद बोलने का तरीका, चेहरे के भाव और किरदारों को जीवंत बनाने की क्षमता दर्शकों के बीच लोकप्रिय रही।
उन्होंने हिंदी और मराठी दोनों भाषाओं की फिल्मों में काम किया।
उनके अभिनय की विशेषता यह थी कि वह गंभीर, भावनात्मक और हास्य भूमिकाओं में भी प्रभाव छोड़ते थे।
कई दशकों के फिल्मी करियर में उन्होंने अलग-अलग पीढ़ियों के दर्शकों के बीच लोकप्रियता हासिल की।
'परिंदा' और 'क्रांतिवीर' से मिली विशेष पहचान
नाना पाटेकर ने अपने अभिनय करियर में कई यादगार फिल्में कीं।
फिल्म 'परिंदा' में उनके अभिनय को व्यापक सराहना मिली। इस फिल्म में निभाई गई भूमिका के लिए उन्हें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।
इसके बाद 'क्रांतिवीर' में उनके प्रभावशाली अभिनय और संवादों ने दर्शकों के बीच विशेष पहचान बनाई।
नाना पाटेकर ने 'प्रहार', 'अग्नि साक्षी', 'खामोशी' और 'तिरंगा' जैसी फिल्मों में भी महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाईं।
इन फिल्मों ने उन्हें गंभीर और प्रभावशाली अभिनेता के रूप में स्थापित करने में योगदान दिया।
हास्य फिल्मों में भी दिखाया अभिनय का कमाल
नाना पाटेकर केवल गंभीर भूमिकाओं तक सीमित नहीं रहे।
उन्होंने हास्य फिल्मों में भी अपनी अलग पहचान बनाई।
फिल्म 'वेलकम' में उनके द्वारा निभाया गया उदय शेट्टी का किरदार दर्शकों के बीच बेहद लोकप्रिय हुआ।
इस भूमिका में उनकी संवाद अदायगी और हास्य शैली को काफी पसंद किया गया।
उनके अभिनय की विविधता ने उन्हें ऐसे कलाकार के रूप में स्थापित किया, जो अलग-अलग तरह की कहानियों और पात्रों में सहजता से ढल सकते थे।
मराठी सिनेमा में भी महत्वपूर्ण योगदान
हिंदी फिल्मों के साथ नाना पाटेकर का मराठी सिनेमा में भी उल्लेखनीय योगदान रहा।
उन्होंने मराठी फिल्मों में कई संवेदनशील और जटिल किरदार निभाए।
विशेष रूप से फिल्म 'नटसम्राट' में उनके अभिनय की व्यापक सराहना हुई।
इस फिल्म में उन्होंने रंगमंच से जुड़े एक कलाकार के जीवन के भावनात्मक उतार-चढ़ाव को पर्दे पर प्रस्तुत किया था।
नाना पाटेकर ने अभिनय के साथ रंगमंच से अपने जुड़ाव को भी बनाए रखा।
उनकी कला यात्रा भारतीय भाषाई सिनेमा की विविधता को दर्शाती है।
कई प्रतिष्ठित पुरस्कारों से हुए सम्मानित
नाना पाटेकर को उनके अभिनय के लिए राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों सहित कई सम्मान प्राप्त हुए।
भारतीय सिनेमा में उनके योगदान को देखते हुए उन्हें वर्ष 2013 में पद्मश्री से सम्मानित किया गया था।
उन्होंने विभिन्न फिल्मों में अपनी अभिनय क्षमता का परिचय दिया और आलोचकों तथा दर्शकों से सराहना प्राप्त की।
उनकी उपलब्धियां इस बात का प्रमाण हैं कि उन्होंने अभिनय की दुनिया में लंबे समय तक प्रभावशाली भूमिका निभाई।
उनकी पहचान केवल किसी एक फिल्म या किरदार तक सीमित नहीं रही।
सामाजिक कार्यों से भी जुड़े रहे नाना पाटेकर
नाना पाटेकर फिल्मी दुनिया के साथ सामाजिक कार्यों से भी जुड़े रहे।
उन्होंने किसानों की समस्याओं और जरूरतमंद परिवारों की सहायता जैसे विषयों पर काम किया।
नाम फाउंडेशन के माध्यम से महाराष्ट्र में किसानों और सूखा प्रभावित परिवारों की सहायता के प्रयासों से भी उनका नाम जुड़ा रहा।
उनके सामाजिक कार्यों को लेकर विभिन्न अवसरों पर सराहना की गई।
इस तरह अभिनेता ने फिल्मों के अलावा सामाजिक क्षेत्र में भी अपनी भूमिका निभाने का प्रयास किया।
पुणे में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार
नाना पाटेकर के निधन के बाद महाराष्ट्र सरकार ने उनके अंतिम संस्कार के लिए राजकीय सम्मान देने की घोषणा की।
रिपोर्टों के अनुसार, पुणे के डोणजे स्थित उनके फार्महाउस पर अंतिम संस्कार की व्यवस्था की गई है।
महाराष्ट्र के सांस्कृतिक कार्य मंत्री आशीष शेलार ने राजकीय सम्मान के संबंध में जानकारी दी।
अभिनेता के परिजनों और प्रशंसकों के लिए यह बेहद दुखद अवसर है।
उनकी अंतिम विदाई में फिल्म जगत और अन्य क्षेत्रों के लोगों के शामिल होने की संभावना जताई गई है।
भारतीय सिनेमा में हमेशा याद रहेगा योगदान
नाना पाटेकर का अभिनय भारतीय सिनेमा की अनेक यादगार फिल्मों से जुड़ा रहा है।
उन्होंने अपनी आवाज, संवाद अदायगी और प्रभावशाली व्यक्तित्व से अलग पहचान बनाई।
गंभीर भूमिकाओं में उनकी तीव्रता और हास्य किरदारों में सहजता को दर्शकों ने पसंद किया।
उनके निधन से एक ऐसे कलाकार की अभिनय यात्रा समाप्त हो गई, जिन्होंने हिंदी और मराठी सिनेमा में लंबे समय तक योगदान दिया।
मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने भी अपने शोक संदेश में इसी विरासत का उल्लेख करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी।
ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी सहित विभिन्न राजनीतिक नेताओं ने नाना पाटेकर के निधन को भारतीय सिनेमा के लिए बड़ी क्षति बताया है। अभिनेता के यादगार किरदार, विशिष्ट संवाद अदायगी और सामाजिक कार्य आने वाली पीढ़ियों के बीच उनकी पहचान बनाए रखेंगे।





