
x
ओडिशा: खाड़ी में बन रहे चक्रवात ‘मोंथा’ के संभावित प्रभाव को देखते हुए ओडिशा सरकार पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। मुख्यमंत्री मोहन चरण मजी ने मंगलवार को एसआरसी (स्पेशल रिलीफ कमिश्नर) कंट्रोल रूम में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की, जिसमें उन्होंने राज्यभर की तैयारियों का जायजा लिया और जिला प्रशासन को राहत एवं बचाव कार्यों के लिए सतर्क रहने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री मजी ने कहा, “हमने यह बैठक इसलिए की ताकि चक्रवात की वर्तमान स्थिति और संभावित प्रभाव के बारे में सटीक जानकारी प्राप्त की जा सके। प्रशासन को पहले से ही तैयार रहना चाहिए ताकि किसी भी तरह की जनहानि या क्षति से बचा जा सके।” उन्होंने जिला कलेक्टरों, आपदा प्रबंधन विभाग, पुलिस, स्वास्थ्य विभाग, और ऊर्जा विभाग के अधिकारियों से समन्वित कार्ययोजना तैयार करने को कहा।
तटीय जिलों में अलर्ट, निचले इलाकों की खाली कराने की तैयारी
सीएम मजी ने बताया कि चक्रवात का सबसे ज्यादा असर गजपति, गंजाम, पुरी, केंद्रपाड़ा, बालासोर और जगतसिंहपुर जिलों में पड़ने की संभावना है। उन्होंने इन जिलों के कलेक्टरों को निर्देश दिया है कि निचले इलाकों में रह रहे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाया जाए। एनडीआरएफ, ओडीआरएएफ और फायर सर्विस की टीमों को पहले ही संभावित प्रभावित इलाकों में भेजा जा रहा है।
राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (OSDMA) के अनुसार, समुद्र में हवाओं की रफ्तार 120 से 140 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है और कई जगहों पर भारी बारिश का पूर्वानुमान है। मछुआरों को समुद्र में न जाने की सख्त चेतावनी जारी की गई है।
मुख्यमंत्री ने दिए राहत सामग्रियों की पर्याप्त व्यवस्था के निर्देश
बैठक में मुख्यमंत्री ने राहत शिविरों में आवश्यक वस्तुओं जैसे पीने का पानी, सूखा राशन, दवाइयां और प्राथमिक चिकित्सा सुविधाओं की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने बिजली आपूर्ति के वैकल्पिक इंतजाम, मोबाइल टावरों की सुरक्षा और अस्पतालों में जनरेटर बैकअप की स्थिति पर भी चर्चा की।
मोहन चरण मजी ने कहा, “हमारे लिए हर नागरिक की सुरक्षा सर्वोपरि है। किसी भी स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन को पूरी तत्परता से कार्य करना होगा। लोगों को समय पर सूचना और सहायता मिले, यह सुनिश्चित करना सबसे बड़ी प्राथमिकता है।”
कंट्रोल रूम में 24 घंटे निगरानी
एसआरसी कंट्रोल रूम में 24 घंटे की निगरानी व्यवस्था की गई है। यहां मौसम विभाग, पुलिस और राहत एजेंसियों के अधिकारी संयुक्त रूप से स्थिति की समीक्षा कर रहे हैं। मौसम विज्ञान केंद्र, भुवनेश्वर के निदेशक एच.आर. बिस्वाल ने बताया कि चक्रवात फिलहाल बंगाल की खाड़ी के दक्षिण-पश्चिम क्षेत्र में केंद्रित है और अगले 24 घंटों में उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर बढ़ते हुए ओडिशा तट को प्रभावित कर सकता है।
जनजागरूकता अभियान तेज
राज्य सरकार ने लोगों को सतर्क रहने के लिए जनजागरूकता अभियान भी शुरू किया है। गांवों में लाउडस्पीकर के जरिए चक्रवात की जानकारी दी जा रही है, वहीं सोशल मीडिया, रेडियो और टीवी चैनलों पर लगातार चेतावनी संदेश प्रसारित किए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने अपील की – “घबराएं नहीं, सावधानी बरतें”
सीएम मजी ने राज्यवासियों से अपील की कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और प्रशासन के निर्देशों का पालन करें। उन्होंने कहा कि “हमारी सरकार पूरी तरह से तैयार है। लोगों को घबराने की जरूरत नहीं, बल्कि सावधानी बरतने की जरूरत है। हम मिलकर इस आपदा का सामना करेंगे।
Tagsओडिशा चक्रवात मोंथासीएम मोहन चरण मजीओडिशा सरकार तैयारीएसआरसी कंट्रोल रूमओएसडीएमएगंजाम पुरी बालासोरएनडीआरएफ टीमराहत-बचाव कार्यबंगाल की खाड़ी तूफानओडिशा मौसम विभाग।जनता से रिश्ता न्यूज़जनता से रिश्ताआज की ताजा न्यूज़हिंन्दी न्यूज़भारत न्यूज़खबरों का सिलसिलाआज की ब्रेंकिग न्यूज़आज की बड़ी खबरमिड डे अख़बारहिंन्दी समाचारजनताJanta Se Rishta NewsJanta Se RishtaToday's Latest NewsHindi NewsIndia NewsKhabron Ka SilsilaToday's Breaking NewsToday's Big NewsMid Day Newspaperjantasamachar newssamacharHindi news
Next Story





