ओडिशा

धर्मेंद्र प्रधान को ओडिशा CM की शुभकामनाएं, LOP बोले लोकतंत्र मजबूत

Saba Naaz
25 July 2026 6:54 PM IST
धर्मेंद्र प्रधान को ओडिशा CM की शुभकामनाएं, LOP बोले लोकतंत्र मजबूत
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भुवनेश्वर। केंद्रीय शिक्षा मंत्री पद से धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद ओडिशा की राजनीति में प्रतिक्रियाओं का दौर शुरू हो गया है। ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को उच्च आदर्शों, नैतिक मूल्यों और सार्वजनिक जीवन में जवाबदेही का प्रतीक बताया है। वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री और बीजद प्रमुख नवीन पटनायक ने इसे लोकतंत्र की मजबूती और युवाओं की आवाज की जीत करार दिया।

मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने शनिवार को जारी बयान में कहा कि धर्मेंद्र प्रधान ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान शिक्षा क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण सुधारों को आगे बढ़ाया। उन्होंने विशेष रूप से राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के क्रियान्वयन में प्रधान की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में बदलाव लाने और विद्यार्थियों के भविष्य को बेहतर बनाने के लिए धर्मेंद्र प्रधान ने कई अहम कदम उठाए।

माझी ने कहा कि केंद्रीय मंत्री पद से इस्तीफा देना धर्मेंद्र प्रधान की जिम्मेदारी की भावना और नैतिक मूल्यों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक जीवन में पद से ज्यादा महत्वपूर्ण जवाबदेही होती है और प्रधान का निर्णय इसी भावना को दिखाता है।

ओडिशा के मुख्यमंत्री ने धर्मेंद्र प्रधान के भविष्य के लिए शुभकामनाएं भी दीं। उन्होंने कहा कि भगवान जगन्नाथ की कृपा से प्रधान की जनसेवा और समाज के प्रति समर्पण की यात्रा आगे भी सफलतापूर्वक जारी रहे।

गौरतलब है कि प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक के मुद्दे को लेकर देशभर में छात्रों के विरोध प्रदर्शन चल रहे थे। इसी बीच धर्मेंद्र प्रधान ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने सोशल मीडिया पर जानकारी देते हुए बताया कि उन्होंने अपना इस्तीफा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सौंप दिया है।

अपने इस्तीफे के संदेश में धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि हाल की घटनाओं से उन्हें गहरा दुख पहुंचा है। उन्होंने युवाओं को देश की सबसे बड़ी ताकत बताते हुए कहा कि युवा किसी भी तरह की भ्रामक जानकारी या साजिश का शिकार न हों, इसके लिए सभी को जिम्मेदारी से काम करना होगा।

वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने भी धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि जनता की भावनाओं और जनमत के प्रति संवेदनशीलता एक मजबूत लोकतंत्र की पहचान होती है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता की आवाज को महत्व दिया जाना चाहिए और युवाओं की चिंताओं को गंभीरता से सुना जाना जरूरी है।

नवीन पटनायक ने कहा कि भारत का भविष्य युवाओं के हाथों में है। उनकी आकांक्षाओं, उम्मीदों और विचारों का सम्मान करना लोकतांत्रिक व्यवस्था को और मजबूत बनाता है। उन्होंने युवा पीढ़ी खासकर जेन-जी की जागरूकता और लोकतांत्रिक भागीदारी की सराहना की।

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद जहां भाजपा नेताओं ने उनके कार्यकाल और योगदान की प्रशंसा की है, वहीं विपक्षी नेताओं ने इसे छात्रों की मांगों और लोकतांत्रिक दबाव का परिणाम बताया है। शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और प्रतियोगी परीक्षाओं की निष्पक्षता को लेकर देशभर में बहस जारी है।

ओडिशा में मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी और पूर्व मुख्यमंत्री नवीन पटनायक की अलग-अलग प्रतिक्रियाओं ने इस पूरे मामले को राजनीतिक और सामाजिक दृष्टि से चर्चा का विषय बना दिया है। एक ओर जहां सरकार पक्ष इसे नैतिक जिम्मेदारी और प्रशासनिक जवाबदेही से जोड़ रहा है, वहीं विपक्ष इसे युवाओं की आवाज और लोकतांत्रिक दबाव का परिणाम बता रहा है।

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