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ओडिशा में केंदू पत्ता श्रमिकों को बड़ा तोहफा, CM ने बोनस और इंसेंटिव को दी मंजूरी

Kavita2
14 July 2026 9:42 AM IST
ओडिशा में केंदू पत्ता श्रमिकों को बड़ा तोहफा, CM ने बोनस और इंसेंटिव को दी मंजूरी
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भुवनेश्वर : ओडिशा सरकार ने केंदू पत्ता व्यापार से जुड़े लाखों श्रमिकों के हित में बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने सोमवार को केंदू पत्ता तोड़ने वालों, बांधने वालों और सीजनल कर्मचारियों के लिए बोनस और इंसेंटिव देने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। सरकार के इस फैसले से राज्य के लाखों श्रमिकों को आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है।

मुख्यमंत्री की मंजूरी के बाद केंदू पत्ता संग्रहण और प्रसंस्करण कार्य से जुड़े मजदूरों को अतिरिक्त लाभ मिलेगा। राज्य सरकार ने केंदू पत्ता खरीद की दरों में भी बढ़ोतरी करने का फैसला लिया है। इससे सीधे तौर पर उन लोगों को फायदा होगा, जो जंगलों से केंदू पत्ता एकत्र कर अपनी आजीविका चलाते हैं।

सरकार के निर्णय के अनुसार, प्रोसेसिंग क्षेत्र में एक “केरी” यानी 20 पत्तों के बंडल की कीमत में 10 पैसे की बढ़ोतरी की गई है। वहीं, एक “फला” यानी 40 पत्तों के बंडल की कीमत में 20 पैसे की वृद्धि की गई है। खरीद दरों में इस बढ़ोतरी से राज्य सरकार के खजाने पर लगभग 10.78 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय भार आएगा।

इसके अलावा मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने केंदू पत्ता तोड़ने वाले श्रमिकों के लिए 25 प्रतिशत बोनस देने की घोषणा की है। वहीं, केंदू पत्ता बांधने वाले श्रमिकों और सीजनल स्टाफ को 5 प्रतिशत इंसेंटिव दिया जाएगा। सरकार का कहना है कि यह कदम केंदू पत्ता व्यापार से जुड़े लोगों की मेहनत को सम्मान देने और उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत करने के उद्देश्य से उठाया गया है।

राज्य सरकार बोनस और इंसेंटिव के भुगतान के लिए करीब 64 करोड़ रुपये खर्च करेगी। इस राशि से लाखों श्रमिकों को सीधा लाभ मिलेगा। सरकार का मानना है कि केंदू पत्ता संग्रहण का काम करने वाले ज्यादातर लोग ग्रामीण और वन क्षेत्रों से जुड़े होते हैं, जिनकी आय का एक बड़ा हिस्सा इसी काम पर निर्भर करता है।

केंदू पत्ता ओडिशा के प्रमुख लघु वनोपजों में शामिल है। राज्य के कई जिलों में बड़ी संख्या में लोग साल के एक निश्चित मौसम में केंदू पत्ता संग्रहण का काम करते हैं। इन पत्तों का उपयोग मुख्य रूप से बीड़ी बनाने में किया जाता है। केंदू पत्ता व्यापार राज्य के ग्रामीण अर्थव्यवस्था का एक महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है।

सरकार के इस फैसले से जंगल क्षेत्रों में रहने वाले श्रमिक परिवारों को अतिरिक्त आर्थिक सहायता मिलेगी। खासकर उन मजदूरों के लिए यह राहत महत्वपूर्ण मानी जा रही है, जो सीमित संसाधनों के बीच काम करते हैं और जिनकी आय मौसमी रोजगार पर निर्भर रहती है।

मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने इससे पहले भी ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों के विकास और आजीविका बढ़ाने पर जोर दिया है। केंदू पत्ता श्रमिकों के लिए बोनस और इंसेंटिव की घोषणा को इसी दिशा में उठाया गया कदम माना जा रहा है।

अधिकारियों के अनुसार, केंदू पत्ता खरीद दरों में वृद्धि से श्रमिकों को उनके उत्पाद का बेहतर मूल्य मिल सकेगा। इससे उन्हें संग्रहण कार्य के लिए प्रोत्साहन मिलेगा और केंदू पत्ता व्यापार को भी मजबूती मिलेगी।

श्रमिक संगठनों और केंदू पत्ता से जुड़े लोगों ने सरकार के इस फैसले का स्वागत किया है। उनका कहना है कि बोनस और इंसेंटिव मिलने से मजदूरों की आर्थिक परेशानियां कम होंगी और उन्हें अपनी मेहनत का उचित लाभ मिलेगा।

केंदू पत्ता संग्रहण करने वाले श्रमिक लंबे समय से बोनस और बेहतर भुगतान की मांग करते रहे हैं। ऐसे में सरकार का यह निर्णय उनके लिए बड़ी राहत के रूप में देखा जा रहा है। ग्रामीण इलाकों में इसका सकारात्मक असर पड़ने की उम्मीद है।

राज्य सरकार का कहना है कि वह वन आधारित आजीविका से जुड़े लोगों के कल्याण के लिए लगातार काम कर रही है। आने वाले समय में भी ऐसे कदम उठाए जाएंगे, जिससे ग्रामीण और वन क्षेत्रों के लोगों की आय में वृद्धि हो सके।

फिलहाल, मुख्यमंत्री की मंजूरी के बाद अब संबंधित विभाग बोनस और इंसेंटिव वितरण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाएगा। लाखों केंदू पत्ता श्रमिकों को जल्द ही इस फैसले का लाभ मिलने की उम्मीद है। सरकार के इस कदम को ओडिशा के वन क्षेत्र से जुड़े श्रमिकों के लिए एक महत्वपूर्ण आर्थिक सहायता के रूप में देखा जा रहा है।

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