
Odisha ओडिशा: ओडिशा में हाल ही में सामने आए गंभीर अपराधों के बाद मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने राज्य की कानून और व्यवस्था की स्थिति की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने पुलिस प्रशासन को सख्त निर्देश देते हुए आम लोगों का भरोसा दोबारा हासिल करने पर जोर दिया।
मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई इस उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में ओडिशा पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी, जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक (SP) शामिल हुए। बैठक में राज्य की मौजूदा सुरक्षा स्थिति, हाल के आपराधिक मामलों और कानून व्यवस्था को मजबूत करने के उपायों पर विस्तार से चर्चा की गई।
यह समीक्षा बैठक इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि हाल के दिनों में राज्य में कुछ गंभीर आपराधिक घटनाएं सामने आई हैं, जिनमें एक रेलवे कांस्टेबल की लिंचिंग की घटना ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया था। इन घटनाओं के बाद कानून व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि मुख्यमंत्री ने पुलिस अधिकारियों को अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और जनता के बीच सुरक्षा की भावना मजबूत करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आम नागरिक सुरक्षित महसूस करें और पुलिस व्यवस्था पर उनका विश्वास बना रहे।
बैठक में मुख्यमंत्री ने इस बात पर भी जोर दिया कि अपराध रोकने के लिए जिला प्रशासन और पुलिस के बीच बेहतर समन्वय बेहद जरूरी है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि केवल पुलिस कार्रवाई ही नहीं, बल्कि प्रशासनिक सहयोग के साथ संयुक्त प्रयासों से ही अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है।
इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने खुफिया तंत्र को और मजबूत करने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि समय पर और सटीक इंटेलिजेंस इनपुट प्राप्त करना अपराध रोकने की दिशा में सबसे महत्वपूर्ण कदम है। अगर जानकारी पहले मिल जाए तो कई घटनाओं को रोका जा सकता है।
CMO के बयान के अनुसार, मुख्यमंत्री ने पुलिस को गश्त (पेट्रोलिंग) को तेज करने और उनकी मौजूदगी को सार्वजनिक स्थानों पर अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश दिए हैं। उनका कहना था कि पुलिस की दृश्यता बढ़ाने से अपराधियों में डर पैदा होता है और आम लोगों में सुरक्षा का भरोसा मजबूत होता है।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए हर स्तर पर सक्रिय कार्रवाई की जाए और किसी भी तरह की लापरवाही को गंभीरता से लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि जनता का भरोसा शासन की सबसे बड़ी पूंजी है और इसे किसी भी कीमत पर कमजोर नहीं होने दिया जा सकता।
बैठक के बाद अधिकारियों ने बताया कि सरकार की प्राथमिकता राज्य में शांति व्यवस्था बनाए रखना और अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित करना है। इसके लिए आने वाले दिनों में पुलिसिंग व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा।
फिलहाल राज्य प्रशासन और पुलिस विभाग मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद कानून व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए नई रणनीति पर काम कर रहे हैं।





