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विजयादशमी पर ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने दी शुभकामनाएं

Kavita2
20 Oct 2026 2:39 PM IST
विजयादशमी पर ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने दी शुभकामनाएं
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भुवनेश्वर। ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने मंगलवार, 20 अक्टूबर 2026 को विजयादशमी और दशहरा के पावन अवसर पर प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने इस पर्व को सत्य की असत्य पर, धर्म की अधर्म पर और न्याय की अन्याय पर विजय का प्रतीक बताया। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' के माध्यम से लोगों को शुभकामनाएं देते हुए दशहरा के धार्मिक, आध्यात्मिक और सांस्कृतिक महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने प्रदेशवासियों के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि की कामना की। मुख्यमंत्री का संदेश ऐसे समय में सामने आया है, जब ओडिशा सहित पूरे देश में विजयादशमी का पर्व श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर साझा किया संदेश

मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट 'एक्स' पर ओड़िया भाषा में विजयादशमी की शुभकामनाएं दीं।

उन्होंने अपने संदेश में लिखा कि असत्य पर सत्य, अधर्म पर धर्म और अन्याय पर न्याय की विजय के महान पर्व पवित्र विजयादशमी तथा दशहरा के अवसर पर सभी को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं।

मुख्यमंत्री ने इस संदेश के माध्यम से दशहरा के मूल धार्मिक और नैतिक महत्व को सामने रखा।

विजयादशमी भारतीय संस्कृति का ऐसा पर्व है, जो लोगों को सत्य, न्याय और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है।

इस दिन देशभर में विभिन्न धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। लोग मां दुर्गा की पूजा-अर्चना करने के साथ एक-दूसरे को पर्व की शुभकामनाएं देते हैं।

बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है दशहरा

विजयादशमी हिंदू धर्म के प्रमुख त्योहारों में से एक है। इसे बुराई पर अच्छाई और अधर्म पर धर्म की जीत के प्रतीक के रूप में मनाया जाता है।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इसी अवसर पर भगवान श्रीराम ने लंकापति रावण पर विजय प्राप्त की थी।

वहीं, देवी दुर्गा से जुड़ी परंपराओं में यह पर्व महिषासुर नामक असुर पर मां दुर्गा की विजय का प्रतीक माना जाता है।

इन धार्मिक कथाओं के माध्यम से समाज को यह संदेश मिलता है कि अन्याय और अहंकार चाहे कितने भी शक्तिशाली क्यों न हों, अंततः सत्य और धर्म की विजय होती है।

विजयादशमी का यही संदेश भारतीय समाज में पीढ़ियों से धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं के माध्यम से आगे बढ़ता रहा है।

मां दुर्गा की आराधना का विशेष महत्व

ओडिशा में दुर्गा पूजा का विशेष धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व है। शारदीय नवरात्रि के दौरान श्रद्धालु मां दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों की पूजा करते हैं।

मां दुर्गा को शक्ति, साहस और बुराई का विनाश करने वाली देवी के रूप में पूजा जाता है।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, देवी दुर्गा ने महिषासुर का वध कर संसार को उसके अत्याचारों से मुक्त कराया था।

इस विजय को दैवीय शक्ति और धर्म की स्थापना का प्रतीक माना जाता है।

विजयादशमी के अवसर पर श्रद्धालु मां दुर्गा से अपने परिवार की सुख-समृद्धि, अच्छे स्वास्थ्य और जीवन में सकारात्मकता बनाए रखने की प्रार्थना करते हैं।

ओडिशा में धूमधाम से मनाया जा रहा पर्व

राजधानी भुवनेश्वर सहित कटक, पुरी, बालासोर, संबलपुर और राज्य के अन्य हिस्सों में दुर्गा पूजा और विजयादशमी का उत्साह देखने को मिल रहा है।

विभिन्न पूजा समितियों द्वारा धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। मां दुर्गा की प्रतिमाओं की पूजा-अर्चना के साथ सांस्कृतिक गतिविधियां भी इस पर्व का महत्वपूर्ण हिस्सा होती हैं।

विशेष रूप से कटक की दुर्गा पूजा अपनी भव्य सजावट और पारंपरिक आयोजन के लिए प्रसिद्ध है।

दुर्गा पूजा के दौरान श्रद्धालु परिवार के साथ पूजा पंडालों में पहुंचकर देवी के दर्शन करते हैं।

कई स्थानों पर विजयादशमी के अवसर पर प्रतिमाओं के विसर्जन की परंपरा भी निभाई जाती है।

राज्यपाल ने भी दी प्रदेशवासियों को बधाई

मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी के अलावा ओडिशा के राज्यपाल हरि बाबू कंभमपति ने भी विजयादशमी के अवसर पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दीं।

राज्यपाल ने अपने संदेश में दशहरा को सत्य और धर्म की विजय का प्रतीक बताया।

उन्होंने प्रदेशवासियों के जीवन में शांति, समृद्धि और सुख की कामना की।

इसके अलावा उपमुख्यमंत्री कनक वर्धन सिंह देव और उपमुख्यमंत्री प्रवती परिडा ने भी लोगों को दशहरा की शुभकामनाएं दीं।

उपमुख्यमंत्री प्रवती परिडा ने भगवान जगन्नाथ और मां दुर्गा के आशीर्वाद से सभी परिवारों में सुख, शांति और समृद्धि बनी रहने की कामना की।

सामाजिक एकता और सांस्कृतिक परंपराओं का पर्व

दशहरा केवल धार्मिक आस्था का पर्व नहीं, बल्कि सामाजिक एकता और सांस्कृतिक विरासत का भी महत्वपूर्ण हिस्सा है।

इस अवसर पर विभिन्न समुदायों के लोग धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भाग लेते हैं।

पूजा पंडालों और सार्वजनिक समारोहों के माध्यम से लोगों को एक-दूसरे से मिलने और अपनी परंपराओं को साझा करने का अवसर मिलता है।

इस प्रकार के आयोजन समाज में सामूहिक भागीदारी और आपसी सहयोग को बढ़ावा देते हैं।

विजयादशमी के धार्मिक संदेश में सत्य, न्याय, साहस और सदाचार जैसे मूल्यों को विशेष महत्व दिया जाता है।

देशभर में अलग-अलग परंपराओं से मनाया जाता है दशहरा

भारत के विभिन्न राज्यों में विजयादशमी मनाने की अलग-अलग परंपराएं हैं।

उत्तर भारत में इस अवसर पर रामलीला के समापन के साथ रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतलों का दहन किया जाता है।

वहीं, पश्चिम बंगाल और ओडिशा सहित पूर्वी भारत के कई क्षेत्रों में दुर्गा पूजा के समापन और देवी प्रतिमाओं के विसर्जन का विशेष महत्व है।

कर्नाटक के मैसूर में दशहरा अपनी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक परंपराओं के लिए प्रसिद्ध है।

इन सभी आयोजनों का मुख्य संदेश अच्छाई की जीत और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा से जुड़ा हुआ है।

नई पीढ़ी को संस्कृति से जोड़ता है त्योहार

विजयादशमी के अवसर पर आयोजित होने वाले धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम बच्चों तथा युवाओं को भारतीय परंपराओं से परिचित कराने का माध्यम भी बनते हैं।

रामलीला, दुर्गा पूजा, भजन और अन्य सांस्कृतिक आयोजनों के जरिए नई पीढ़ी धार्मिक कथाओं और उनके नैतिक संदेशों को समझती है।

इन कार्यक्रमों में सत्य, साहस, कर्तव्य और न्याय जैसे जीवन मूल्यों को प्रमुखता दी जाती है।

इसके साथ ही त्योहारों के दौरान स्थानीय कलाकारों, मूर्तिकारों, सजावट का काम करने वाले लोगों और छोटे व्यापारियों को रोजगार तथा कारोबार के अवसर भी मिलते हैं।

मुख्यमंत्री के संदेश में सत्य और न्याय पर जोर

मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने अपने विजयादशमी संदेश में विशेष रूप से सत्य, धर्म और न्याय की विजय का उल्लेख किया।

उनकी शुभकामनाओं का मुख्य संदेश जीवन में सकारात्मक मूल्यों और धार्मिक आदर्शों के महत्व से जुड़ा रहा।

विजयादशमी का पर्व लोगों को अन्याय, अहंकार और बुराई से दूर रहने तथा सदाचार के मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है।

यह अवसर व्यक्तिगत जीवन के साथ सामाजिक स्तर पर भी शांति, सद्भाव और परस्पर सम्मान बनाए रखने की सीख देता है।

प्रदेशवासियों के सुख-समृद्धि की कामना

ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने विजयादशमी के अवसर पर सभी प्रदेशवासियों को बधाई देते हुए उनके सुखद और समृद्ध जीवन की कामना की।

उन्होंने दशहरा को सत्य, धर्म और न्याय की विजय का महान पर्व बताया।

मुख्यमंत्री के साथ राज्यपाल और उपमुख्यमंत्रियों ने भी इस पावन अवसर पर नागरिकों को शुभकामनाएं दीं।

पूरे प्रदेश में श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जा रहा विजयादशमी पर्व भारतीय सांस्कृतिक विरासत, धार्मिक आस्था और अच्छाई की विजय के संदेश को आगे बढ़ा रहा है।

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