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Bhubaneswar भुवनेश्वर: ओडिशा सरकार के मंत्री नित्यानंद गोंड ने ‘खड़ी छूआन उत्सव’ को राज्य की समृद्ध परंपरा का अहम हिस्सा बताते हुए इसे संरक्षित रखने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि यह उत्सव केवल सांस्कृतिक आयोजन नहीं, बल्कि बच्चों के शैक्षणिक जीवन की एक शुभ शुरुआत का प्रतीक है। मंत्री गोंड ने बताया कि इस विशेष अवसर पर छोटे बच्चों को पहली बार लिखना-पढ़ना सिखाया जाता है। इसे शिक्षा के प्रारंभ का पवित्र क्षण माना जाता है, जिसमें माता-पिता और शिक्षक मिलकर बच्चों को ज्ञान की ओर पहला कदम बढ़ाने के लिए प्रेरित करते हैं।
उन्होंने कहा कि इस बार मुख्यमंत्री के करकमलों से इस पारंपरिक उत्सव का विधिवत शुभारंभ किया गया है, जिससे इसका महत्व और भी बढ़ गया है। राज्य सरकार इस परंपरा को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है और इसे नई पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। मंत्री ने यह भी जानकारी दी कि ‘खड़ी छूआन उत्सव’ केवल एक स्थान तक सीमित नहीं है, बल्कि आज पूरे ओडिशा के विभिन्न जिलों में इसे बड़े उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया जा रहा है। स्कूलों, मंदिरों और सामुदायिक स्थलों पर बच्चों को अक्षर ज्ञान की शुरुआत कराई जा रही है।
इस उत्सव के जरिए बच्चों में शिक्षा के प्रति रुचि जगाने के साथ-साथ सांस्कृतिक मूल्यों को भी सहेजने का प्रयास किया जाता है। यह परंपरा ओडिशा की सांस्कृतिक पहचान का एक महत्वपूर्ण हिस्सा मानी जाती है। राज्य सरकार का मानना है कि ऐसी परंपराएं समाज को जोड़ने और शिक्षा के महत्व को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
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