
Odisha ओडिशा: शहरी परिवहन व्यवस्था को बेहतर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। मुख्यमंत्री Mohan Charan Majhi की अध्यक्षता में बुधवार को हुई राज्य कैबिनेट बैठक में 9.5 किलोमीटर लंबे जयदेव विहार-नंदनकानन रोड के अपग्रेडेशन प्रोजेक्ट को मंजूरी दे दी गई। यह निर्णय राज्य की शहरी मोबिलिटी को आधुनिक और सुगम बनाने के उद्देश्य से लिया गया है।
कैबिनेट ने इस प्रोजेक्ट के लिए सबसे कम टर्नकी बिड को मंजूरी दी है। यह कार्य दिनेशचंद्र आर. अग्रवाल इंफ्राकॉन प्राइवेट लिमिटेड को सौंपा गया है, जो इसे ₹579 करोड़ की लागत से पूरा करेगा। सरकार का मानना है कि इस परियोजना से भुवनेश्वर और आसपास के क्षेत्रों में यातायात व्यवस्था में बड़ा सुधार आएगा।
यह सड़क परियोजना भुवनेश्वर के दो प्रमुख और व्यस्त हिस्सों को जोड़ती है, जहां रोजाना भारी ट्रैफिक दबाव रहता है। प्रस्तावित अपग्रेडेशन में कलिंग स्टेडियम गेट नंबर 4 से रघुनाथपुर ब्रिज तक का हिस्सा शामिल किया गया है। इस पूरे कॉरिडोर को आधुनिक शहरी जरूरतों के अनुसार विकसित किया जाएगा, ताकि यातायात सुगम और सुरक्षित बन सके।
परियोजना के तहत कई प्रमुख जंक्शनों पर फ्लाईओवर का निर्माण भी किया जाएगा, जिससे ट्रैफिक जाम की समस्या को काफी हद तक कम किया जा सके। इसके अलावा सड़क की चौड़ाई, ड्रेनेज सिस्टम और सुरक्षा संरचना को भी आधुनिक मानकों के अनुसार अपग्रेड किया जाएगा।
सरकारी अधिकारियों के अनुसार, यह परियोजना शहरी परिवहन ढांचे को मजबूत करने के साथ-साथ आर्थिक गतिविधियों को भी गति प्रदान करेगी। जयदेव विहार और नंदनकानन क्षेत्र भुवनेश्वर के तेजी से विकसित होते हिस्सों में शामिल हैं, जहां आबादी और वाहनों की संख्या लगातार बढ़ रही है। ऐसे में इस सड़क का विस्तार और आधुनिकीकरण बेहद जरूरी माना जा रहा था।
इस प्रोजेक्ट को 24 महीनों के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि निर्माण कार्य की गुणवत्ता और समयसीमा पर विशेष निगरानी रखी जाएगी, ताकि परियोजना निर्धारित समय में पूरी हो सके। इसके लिए संबंधित विभागों को नियमित मॉनिटरिंग के निर्देश भी दिए गए हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस सड़क के अपग्रेड होने से भुवनेश्वर में ट्रैफिक दबाव काफी कम होगा और यात्रियों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी। साथ ही नंदनकानन चिड़ियाघर और आसपास के पर्यटन क्षेत्रों तक पहुंच भी आसान हो जाएगी, जिससे पर्यटन गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।
राज्य सरकार का कहना है कि यह परियोजना केवल सड़क निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक व्यापक शहरी विकास योजना का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य ओडिशा की राजधानी क्षेत्र को आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर से लैस करना है।
इस सड़क परियोजना के तहत स्मार्ट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम और पैदल यात्रियों की सुरक्षा के लिए विशेष सुविधाओं पर भी ध्यान दिया जाएगा। साथ ही सड़क किनारे हरियाली और पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के लिए भी योजना तैयार की जा रही है।
सरकार ने उम्मीद जताई है कि इस परियोजना के पूरा होने के बाद क्षेत्र में यातायात की गति बढ़ेगी, समय की बचत होगी और दुर्घटनाओं में भी कमी आएगी। इसके साथ ही यह परियोजना शहर के समग्र विकास में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
फिलहाल निर्माण एजेंसी को जल्द से जल्द काम शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि निर्धारित 24 महीने की समयसीमा के भीतर परियोजना को पूरा किया जा सके।





