
x
Bhubaneswar भुवनेश्वर। ओडिशा मंत्रिमंडल ने शुक्रवार को हुई एक बैठक में पांच विभागों की 11 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दे दी। यह बैठक मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी की अध्यक्षता में हुई। ओडिशा मंत्रिमंडल ने शुक्रवार को कई बड़े फैसले लिए, जिनमें सबसे प्रमुख निर्णय 'अटल बस स्टैंड' योजना के तहत पूरे राज्य में आधुनिक सुविधाओं से युक्त बस स्टैंड बनाने को मंजूरी देना है। सरकार ने कहा कि ओडिशा में सार्वजनिक परिवहन ढांचे और सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाते हुए ‘अटल बस स्टैंड’ योजना शुरू की गई है। इसका उद्देश्य पूरे राज्य में बस स्टैंडों का निर्माण, विकास, नवीनीकरण, संचालन, रखरखाव और प्रबंधन करना है।
इस योजना का लक्ष्य ओडिशा के सभी सार्वजनिक बस स्टैंडों को एक ही व्यवस्था के तहत लाना है, जिसमें पहले की योजनाओं और शहरी स्थानीय निकायों के अंतर्गत आने वाले बस स्टैंड भी शामिल होंगे, ताकि पूरे राज्य में एक समान मानक और बेहतर प्रबंधन सुनिश्चित किया जा सके। अटल बस स्टैंड योजना के तहत जिला मुख्यालयों, उप-मंडल मुख्यालयों, ब्लॉक मुख्यालयों, शहरी स्थानीय निकायों, पर्यटन स्थलों और अन्य महत्वपूर्ण स्थानों पर बस स्टैंड विकसित किए जाएंगे।
बस स्टैंडों को जरूरत के अनुसार तीन श्रेणियों में बांटा जाएगा, जो उस क्षेत्र में बस यातायात और सुविधाओं की आवश्यकता पर आधारित होगा। यह योजना ओडिशा राज्य सड़क परिवहन निगम द्वारा वाणिज्य एवं परिवहन विभाग के तहत लागू की जाएगी। इसके लिए राज्य सरकार ने वित्तीय वर्ष 2031–32 तक कुल 3,400 करोड़ रुपए का बजट मंजूर किया है। अन्य प्रमुख फैसलों पर जानकारी देते हुए ओडिशा के मुख्य सचिव अनु गर्ग ने बताया कि जल संसाधन विभाग से जुड़े पांच बड़े प्रस्तावों को मंजूरी दी गई है, जो राज्य के बुनियादी ढांचे और किसानों के सशक्तिकरण पर सरकार के फोकस को दर्शाते हैं।
उन्होंने बताया कि इनमें से एक प्रमुख योजना के तहत कटक जिले में 135 करोड़ रुपए की एक सिंचाई परियोजना को मंजूरी दी गई है, जिससे 76 गांवों की 3,641 हेक्टेयर भूमि को भूमिगत पाइपलाइन प्रणाली के जरिए सिंचाई सुविधा मिलेगी। यह परियोजना सूक्ष्म सिंचाई को भी बढ़ावा देगी। इस परियोजना के तहत कटक जिले के खरड़ गांव के पास हदुआ नदी पर एक जलाशय बनाया जाएगा और एक व्यापक वितरण प्रणाली विकसित की जाएगी, जिससे नरसिंहपुर, बादम्बा और टिगिरिया ब्लॉकों के सूखा प्रभावित क्षेत्रों में खेती योग्य भूमि को सुनिश्चित सिंचाई मिल सके।
पीने के पानी के प्रबंधन पर बोलते हुए उन्होंने बताया कि पंचायती राज और पेयजल विभाग ने ग्रामीण पेयजल आपूर्ति के लिए एक व्यापक संचालन एवं रखरखाव नीति-2026 शुरू की है। इस नीति में ग्राम स्तर की समितियों, ग्राम पंचायतों और स्वयं सहायता समूहों की भागीदारी शामिल होगी ताकि पानी की गुणवत्ता, वितरण और ढांचे के रखरखाव को बेहतर बनाया जा सके। ऊर्जा क्षेत्र में भी एक बड़ा ढांचा परियोजना को मंजूरी दी गई है, जिसके तहत क्योंझर जिले के बासुदेवपुर में 2x500 एमवीए ग्रिड सबस्टेशन स्थापित किया जाएगा, जिसकी लागत 1,647 करोड़ रुपए होगी।
यह परियोजना तीन वर्षों में पूरी होगी और इससे क्योंझर और सुंदरगढ़ जिलों में बिजली आपूर्ति मजबूत होगी। मुख्य सचिव गर्ग ने यह भी कहा कि ये कैबिनेट फैसले राज्य सरकार की बुनियादी ढांचे के विकास, सिंचाई विस्तार, बेहतर सार्वजनिक सेवाओं और प्रशासनिक सुधारों को प्राथमिकता देने को दर्शाते हैं।
Tagsओडिशा कैबिनेट फैसलाअटल बस स्टैंड योजनाOSRTCमोहन चरण माझीइंफ्रास्ट्रक्चर विकाससिंचाई परियोजना कटकग्रामीण पेयजल नीतिबिजली ग्रिड प्रोजेक्टओडिशा बजट 3400 करोड़राज्य सरकार योजनाजनता से रिश्ता न्यूज़जनता से रिश्ताआज की ताजा न्यूज़हिंन्दी न्यूज़भारत न्यूज़खबरों का सिलसिलाआज की ब्रेंकिग न्यूज़आज की बड़ी खबरमिड डे अख़बारहिंन्दी समाचारजनताJanta Se Rishta NewsJanta Se RishtaToday's Latest NewsHindi NewsIndia NewsKhabron Ka SilsilaToday's Breaking NewsToday's Big NewsMid Day Newspaperjantasamachar newssamacharHindi news
Next Story





