ओडिशा

Odisha : बोमकाई हैंडलूम परंपरा समर्थन के बिना संकट में

Kavita2
3 April 2026 10:05 AM IST
Odisha : बोमकाई हैंडलूम परंपरा समर्थन के बिना संकट में
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Odisha ओडिशा: गंजम जिले की प्रसिद्ध बोमकाई हैंडलूम परंपरा गंभीर संकट में है। स्थानीय कारीगरों और विशेषज्ञों का कहना है कि इस पारंपरिक बुनाई कला को पर्याप्त समर्थन और प्रोत्साहन न मिलने के कारण यह खत्म होने की कगार पर पहुँच गई है।

बोमकाई हैंडलूम अपने विशिष्ट डिज़ाइनों और रंग-बिरंगे पैटर्न के लिए प्रसिद्ध हैं। वर्षों से यह क्षेत्र के कारीगरों की आजीविका का प्रमुख स्रोत रहा है। लेकिन आज, युवा पीढ़ी इस कला को अपनाने में कम रुचि दिखा रही है और बाजार में उचित कीमत और सरकारी सहायता का अभाव इसे और कमजोर कर रहा है।

कारीगरों का कहना है कि अगर राज्य और केंद्रीय स्तर पर समर्थन, सब्सिडी और मार्केटिंग के उपाय नहीं किए गए, तो यह सांस्कृतिक विरासत जल्द ही खो सकती है। विशेषज्ञों ने सुझाव दिया है कि बोमकाई हैंडलूम को संरक्षण और प्रोन्नति देने के लिए विशेष प्रशिक्षण केंद्र, उत्पाद प्रमोशन और डिजिटल मार्केटिंग का उपयोग किया जाए।

स्थानीय प्रशासन भी इस परंपरा को बचाने के लिए कदम उठा रहा है, लेकिन कारीगरों और समाज के सहयोग के बिना यह प्रयास पूरी तरह सफल नहीं हो पाएगा।

बोमकाई हैंडलूम की यह चुनौती न केवल गंजम के कारीगरों के भविष्य से जुड़ी है, बल्कि ओडिशा की सांस्कृतिक विरासत की रक्षा का भी मामला है।

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