
Odisha ओडिशा : वनों की कटाई से जलवायु में अप्रत्याशित परिवर्तन हुए हैं। बारिश के लिए अनुकूल क्षेत्र माने जाने वाले कोरापुट जिले में पिछले तीन वर्षों से बारिश कम हो रही है। गर्मी में सूरज की तेज तपिश लोगों को परेशान कर रही है। जिले के सिमिलिगुड़ा समिति के तेंतुलीगुड़ा के आदिवासी आयुर्वेदिक चिकित्सक हरि पांगी लोगों को वायु प्रदूषण रोकने और वन उगाने के लिए जागरूक कर रहे हैं। इसके तहत इस वर्ष देवमाली की पहाड़ियों और पहाड़ों में 1,50,000 सीड बॉल बोने का लक्ष्य है। उनके द्वारा स्थापित गुप्तेश्वर आयुर्वेदिक पौध अनुसंधान केंद्र में विशेष जैविक विधि से सीड बॉल तैयार कर वन क्षेत्र में फेंके जाते हैं। इनमें जैविक विधि से गाय का मूत्र, गोबर, चारकोल मिलाकर छोटी-छोटी बॉल बनाकर बीजों के साथ सुखाया जाता है। सूखने के बाद इन्हें पहाड़ियों, पहाड़ों, जंगलों में फेंका जाता है। बारिश के बाद बीज अंकुरित हो जाते हैं। हरि ने बताया कि यह कार्यक्रम 29 मई से शुरू किया गया है और अब तक 10 पहाड़ों पर 40,000 बॉल फेंके जा चुके हैं।





