
x
Odisha ओडिशा: विजिलेंस ने बुधवार को क्योंझर, नयागढ़ और जाजपुर जिलों में ग्राम पंचायतों में एलईडी स्ट्रीट लाइट लगाने के कार्यों में कथित अनियमितताओं और सरकारी धन के गबन की जांच शुरू कर दी है। यह मामला वित्तीय वर्ष 2021-22 और 2022-23 से जुड़ा है। विजिलेंस विभाग ने विश्वसनीय सूचना मिलने के बाद इस मामले में विस्तृत जांच शुरू की है।
तेजी से और समन्वित कार्रवाई के लिए ओडिशा विजिलेंस ने 81 अधिकारियों की 24 टीमों को तैनात किया है। इनमें अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, डीएसपी, इंस्पेक्टर और अन्य विजिलेंस स्टाफ शामिल हैं। क्योंझर, नयागढ़ और जाजपुर जिलों में जांच के लिए प्रत्येक जिले में 27 पुलिस अधिकारियों को लगाया गया है।जांच में पाया गया कि राज्य वित्त आयोग की अनुदान राशि के तहत ग्राम पंचायतों में 'एक ग्राम पंचायत में एक गांव में एलईडी स्ट्रीट लाइट सिस्टम' लगाने की योजना शुरू की गई थी, जिसमें इंस्टॉलेशन के साथ वार्षिक रखरखाव अनुबंध भी शामिल था।
विजिलेंस के अनुसार जांच के दौरान बड़े पैमाने पर अनियमितताएं सामने आई हैं। टेंडर नियमों का उल्लंघन, जरूरी उपकरणों जैसे एनर्जी मीटर, केबल, एमसीसीबी, क्लैंप और फोटो स्विच टाइमर आदि का उपयोग ही नहीं किया गया, लेकिन बिलों में इन्हें दिखाकर भुगतान ले लिया गया। इस मामले में सरकारी धन का गबन किए जाने के संकेत मिले हैं।
विभाग ने यह भी बताया कि तीनों जिलों में 50 स्थानों पर फील्ड जांच और तकनीकी निरीक्षण किया जा रहा है ताकि गबन की राशि का सही आकलन किया जा सके और इसमें शामिल अधिकारियों व एजेंसियों की भूमिका तय की जा सके।इस मामले पर आरटीआई कार्यकर्ता हिमांशु शेखर नायक ने कहा कि उन्होंने लंबे समय से इस योजना में भ्रष्टाचार की शिकायतें उठाई थीं और यह जांच एक स्वागत योग्य कदम है। उन्होंने उम्मीद जताई कि सही तरीके से जांच होने पर बड़े पैमाने पर सरकारी धन के गबन का खुलासा हो सकता है।
Tagsओडिशा विजिलेंसLED स्ट्रीट लाइट घोटालाक्योंझरनयागढ़जाजपुरसरकारी धन गबनग्राम पंचायतवित्तीय अनियमितताराज्य वित्त आयोगभ्रष्टाचार जांचटेंडर नियम उल्लंघनRTI कार्यकर्ताविजिलेंस कार्रवाईOdisha VigilanceLED street light scamKeonjharNayagarhJajpurembezzlement of government fundsGram Panchayatfinancial irregularitiesState Finance Commissioncorruption investigationtender rule violationRTI activistvigilance action
Next Story





