
Odisha ओडिशा: जनगणना 2027 की प्रक्रिया का पहला चरण—हाउस लिस्टिंग और हाउसिंग जनगणना 2026—राज्य के जनगणना संचालन निदेशालय (DCO) और रेवेन्यू एवं आपदा प्रबंधन विभाग के संयुक्त प्रयासों से शुक्रवार से शुरू कर दिया गया है। मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने इस अवसर पर घोषणा की कि 16 अप्रैल से 15 मई, 2026 तक ट्रेंड एन्यूमरेटर और सुपरवाइज़र राज्य के सभी 30 जिलों में घर-घर जाकर डेटा इकट्ठा करेंगे।
इस हाउस लिस्टिंग और हाउसिंग जनगणना से पहले नागरिकों के लिए सेल्फ-एन्यूमरेशन (SE) प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। लोग 1 अप्रैल से 15 अप्रैल, 2026 तक भारत की जनगणना 2027 के आधिकारिक ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से अपनी जानकारी स्वयं दर्ज कर सकते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सुविधा नागरिकों को उनकी मर्ज़ी से जानकारी ऑनलाइन देने का मौका देती है और इससे फील्ड कार्य में आसानी होगी।
मुख्यमंत्री माझी ने नागरिकों से अपीलओडिशा में जनगणना 2027 का पहला चरण शुरू, CM ने नागरिकों से सक्रिय सहयोग की अपील की की कि वे इस प्रक्रिया में सक्रिय रूप से हिस्सा लें। उन्होंने स्वयं भी सेल्फ-एन्यूमरेशन प्रक्रिया पूरी की है और दूसरों को भी ऐसा करने की सलाह दी। उन्होंने कहा, “सही और पूर्ण डेटा राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर योजनाओं और विकास पहलों की योजना बनाने और लागू करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।”
ओडिशा सरकार ने जनगणना के सफल संचालन के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली हैं। इसके तहत फील्ड कर्मचारियों को प्रशिक्षित किया गया है, आवश्यक उपकरण उपलब्ध कराए गए हैं और डेटा सुरक्षा की व्यापक व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। लोगों से अनुरोध किया गया है कि जब एन्यूमरेटर घर-घर आएं, तो उन्हें सही जानकारी देकर सहयोग करें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हाउस लिस्टिंग और हाउसिंग जनगणना के दौरान इकट्ठा किया गया डेटा भविष्य में सरकारी योजनाओं, सामाजिक कल्याण कार्यक्रमों और स्थानीय विकास पहलों के लिए महत्वपूर्ण साबित होगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि जनगणना न केवल लोगों की संख्या का आंकड़ा देती है, बल्कि सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक संकेतकों पर भी मूल्यवान जानकारी उपलब्ध कराती है।





