
Odisha ओडिशा: ओडिशा के पुरी ज़िले के कनास इलाके में जाति-आधारित भेदभाव का एक गंभीर मामला सामने आया है, जिसमें एक दलित महिला को पीने का पानी लेने से रोके जाने और उसके साथ मारपीट किए जाने का आरोप है। यह घटना गड़ीसागोड़ा पुलिस थाना क्षेत्र के करमाला गाँव की बताई जा रही है।
शिकायत के अनुसार, पीड़िता एक स्थानीय मठ में पीने का पानी लेने गई थी, जहां कुछ ग्रामीणों ने उसे अंदर जाने से रोक दिया। आरोप है कि ग्रामीणों ने यह कहते हुए उसे मठ में प्रवेश करने से मना कर दिया कि उसके प्रवेश से स्थान “अपवित्र” हो जाएगा।
इसके बाद कथित तौर पर मठ का दरवाज़ा बंद कर दिया गया, जिससे महिला पानी नहीं ले सकी। जब उसने इस व्यवहार का विरोध किया, तो उसके साथ गाली-गलौज की गई और जातिसूचक टिप्पणियां की गईं।
पीड़िता का आरोप है कि विरोध करने पर उसके साथ शारीरिक मारपीट भी की गई, जिससे वह घायल हो गई। घटना के बाद महिला ने स्थानीय पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है और मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित धाराओं में जांच की जा रही है और आरोपियों की पहचान तथा भूमिका की जांच की जा रही है। ग्रामीणों और मठ प्रशासन से भी पूछताछ की जा रही है ताकि घटना की सच्चाई स्पष्ट हो सके।
इस घटना के सामने आने के बाद क्षेत्र में तनाव की स्थिति बनी हुई है। स्थानीय स्तर पर सामाजिक संगठनों ने भी इस कथित भेदभाव की निंदा की है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी और यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
यह घटना एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में जाति-आधारित भेदभाव की गंभीरता को उजागर करती है और सामाजिक समानता तथा संवैधानिक अधिकारों के पालन की आवश्यकता पर सवाल खड़े करती है।





