
Odisha ओडिशा: ओडिशा स्टेट हाउसिंग बोर्ड (OSHB) राज्य में सस्ते और सभी वर्गों के लिए आवास उपलब्ध कराने की दिशा में अपनी गतिविधियों को तेजी से आगे बढ़ाने की तैयारी कर रहा है। इस उद्देश्य से कई बड़े रेजिडेंशियल प्रोजेक्ट्स पर काम चल रहा है और आने वाले समय में सभी जिला मुख्यालयों तक आवासीय विकास गतिविधियों का विस्तार करने की योजना बनाई गई है। इसी रोडमैप को लेकर भुवनेश्वर के खारवेल भवन में हाउसिंग एंड अर्बन डेवलपमेंट विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव Usha Padhi की अध्यक्षता में एक विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें बोर्ड के कामकाज और भविष्य की योजनाओं पर चर्चा हुई। बैठक में ओडिशा स्टेट हाउसिंग बोर्ड के प्रबंध निदेशक और हाउसिंग एंड अर्बन डेवलपमेंट विभाग के विशेष सचिव Gangadhar Nayak ने अब तक की उपलब्धियों और आगे की कार्ययोजना को प्रस्तुत किया।
बैठक में बताया गया कि OSHB ने राज्य के 21 जिलों में बड़े पैमाने पर आवासीय विकास कार्य किए हैं। अब तक कुल 32,343 हाउसिंग यूनिट्स, दुकानों और प्लॉट्स का विकास किया जा चुका है। इन योजनाओं का लाभ आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS), निम्न आय वर्ग (LIG), मध्यम आय वर्ग (MIG) और उच्च आय वर्ग (HIG) के लोगों को दिया जा रहा है। इससे राज्य के अलग-अलग आय वर्ग के लोगों को आवासीय सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में एक व्यापक ढांचा तैयार हुआ है।
विशेष रूप से खोरधा जिले में आवासीय विकास कार्यों को काफी विस्तार दिया गया है, जहां 20,000 से अधिक यूनिट्स तैयार की गई हैं। यह संख्या राज्य में आवास विकास की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक मानी जा रही है। बैठक में यह भी चर्चा हुई कि भविष्य में OSHB अपनी परियोजनाओं को और तेज करेगा और सभी जिलों में समान रूप से विकास कार्यों को आगे बढ़ाया जाएगा, ताकि शहरी और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में आवास की उपलब्धता को मजबूत किया जा सके।
अधिकारियों ने यह भी संकेत दिया कि आने वाले समय में नई आवासीय योजनाओं को और अधिक पारदर्शी और व्यापक बनाया जाएगा, जिससे अधिक से अधिक लोग इन योजनाओं का लाभ उठा सकें। बैठक में मौजूद अधिकारियों ने कहा कि सरकार का लक्ष्य हर आय वर्ग के लिए किफायती और गुणवत्तापूर्ण आवास उपलब्ध कराना है, और इसी दिशा में OSHB अपनी भूमिका को और मजबूत करेगा।
इस तरह, ओडिशा स्टेट हाउसिंग बोर्ड की यह पहल राज्य में आवासीय विकास को नई गति देने और लोगों को बेहतर जीवन सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।





