
Odisha ओडिशा: ओडिशा सरकार ने राज्य में शैक्षणिक संस्थानों को नशा और शराब से मुक्त वातावरण प्रदान करने के उद्देश्य से एक बड़ा कदम उठाया है। इसके तहत सभी कॉलेज परिसरों के आसपास 500 मीटर के दायरे को शराब, तंबाकू और नशीले पदार्थों से मुक्त क्षेत्र घोषित करने के निर्देश को सख्ती से लागू करने की घोषणा की गई है।
उच्च शिक्षा विभाग के अनुसार, सभी सरकारी और सहायता प्राप्त निजी कॉलेजों के प्रमुखों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं कि इस निर्धारित 500 मीटर के दायरे में किसी भी प्रकार की शराब, तंबाकू उत्पाद, नशीली दवाएं, साइकोट्रोपिक पदार्थ या अन्य नशीले पदार्थों की बिक्री न हो। इसके लिए संबंधित क्षेत्रों में चल रही दुकानों और गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखने को कहा गया है।
विभाग ने स्पष्ट किया है कि कॉलेज के प्रधानाचार्यों और संबंधित अधिकारियों को इस निर्देश का अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए जमीनी स्तर पर निरीक्षण करना होगा। निरीक्षण के बाद विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर उच्च शिक्षा विभाग को भेजनी होगी।
यह कदम नेशनल नारकोटिक्स कोऑर्डिनेशन (एनसीओआरडी) के दिशानिर्देशों के अनुरूप लिया गया है, जिसका उद्देश्य छात्रों के लिए एक सुरक्षित, स्वस्थ और नशा मुक्त शैक्षणिक वातावरण तैयार करना है।
सरकार का मानना है कि शैक्षणिक संस्थानों के आसपास नशीले पदार्थों की उपलब्धता छात्रों पर नकारात्मक प्रभाव डालती है, जिससे उनकी पढ़ाई और भविष्य दोनों प्रभावित होते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए यह सख्त नीति लागू की गई है।
निर्देशों के अनुसार, सभी कॉलेज प्रशासन को अपने-अपने क्षेत्रों में नियमित निरीक्षण करना होगा और यह सुनिश्चित करना होगा कि कोई भी अवैध बिक्री या वितरण गतिविधि न हो। इसके साथ ही स्थानीय प्रशासन और पुलिस की भी मदद लेने को कहा गया है।
विभाग ने यह भी निर्देश दिया है कि सभी कॉलेजों के प्रिंसिपल 15 जुलाई तक एकत्रित किए गए डेटा और निरीक्षण रिपोर्ट को उच्च शिक्षा सूचना प्रबंधन प्रणाली (HIMS) पोर्टल पर अपलोड करें।
इस पहल से राज्य सरकार का उद्देश्य शैक्षणिक परिसरों को न केवल शैक्षणिक रूप से बेहतर बनाना है, बल्कि छात्रों के मानसिक और सामाजिक विकास के लिए एक सुरक्षित माहौल तैयार करना भी है।
शिक्षा क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों ने इस कदम का स्वागत करते हुए कहा है कि यदि इसे सही ढंग से लागू किया गया तो यह छात्रों को नशे की लत से दूर रखने में काफी मददगार साबित होगा।
कुल मिलाकर, ओडिशा सरकार का यह निर्णय शैक्षणिक संस्थानों के आसपास के वातावरण को नियंत्रित करने और छात्रों के भविष्य को सुरक्षित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।





