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Bhubaneswar भुवनेश्वर। ओडिशा की उच्च-स्तरीय स्वीकृति प्राधिकरण ने बुधवार को 20 बड़े औद्योगिक प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी है, जिनका कुल निवेश 76,611.86 करोड़ रुपए है। इन परियोजनाओं से राज्य के नौ जिलों में 50,517 रोजगार के अवसर पैदा होने की संभावना है। यह निवेश प्रस्ताव मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी की अध्यक्षता में भुवनेश्वर में हुई उच्च-स्तरीय स्वीकृति प्राधिकरण की 45वीं बैठक में मंजूर किए गए। मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, ये मंजूरियां राज्य सरकार की औद्योगिक विकास, उन्नत विनिर्माण, नवीकरणीय ऊर्जा, मूल्य संवर्धन और संतुलित क्षेत्रीय विकास के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं। ये परियोजनाएं रत्न निर्माण, ग्रीन एनर्जी उपकरण, एयरोस्पेस और रक्षा, रेयर अर्थ मिनरल्स आधारित मूल्य संवर्धित उत्पाद, फार्मा, मैकेनिकल और इलेक्ट्रिकल कैपिटल गुड्स, केमिकल्स, स्टील, आयरन और फेरो अलॉय तथा पावर और नवीकरणीय ऊर्जा जैसे प्रमुख क्षेत्रों में हैं।
इन मंजूरियों की एक बड़ी विशेषता ओडिशा का लैब-ग्रोन डायमंड (कृत्रिम हीरा) निर्माण के लिए एक प्रमुख केंद्र के रूप में उभरना है। एक कंपनी खोरधा में लैब-ग्रोन डायमंड मैन्युफैक्चरिंग यूनिट स्थापित करेगी, जिसमें 9,817.50 करोड़ रुपए का निवेश होगा और 8,100 रोजगार अवसर पैदा होंगे। ग्रीन एनर्जी उपकरण क्षेत्र में भी बड़े निवेश को मंजूरी दी गई है। एक कंपनी गंजम में इनगट और वेफर निर्माण सुविधा के साथ सोलर फोटोवोल्टिक सेल निर्माण इकाई स्थापित करेगी, जिसमें 10,000 करोड़ रुपए का निवेश होगा और 5,000 रोजगार मिलेंगे। इसी क्षेत्र को मजबूत करते हुए एक अन्य सोलर कंपनी गंजम में 1,709.81 करोड़ रुपए की लागत से सोलर फोटोवोल्टिक सेल निर्माण सुविधा लगाएगी, जिससे 519 रोजगार बनेंगे। क्रिटिकल मिनरल्स और वैल्यू एडिशन के क्षेत्र में भी कई परियोजनाओं को मंजूरी मिली है।
एक कंपनी खोरधा/कटक में 1,250 करोड़ रुपए की लागत से हाई-परफॉर्मेंस इलेक्ट्रिक वाहन ग्रेड नियोडिमियम-आयरन-बोरॉन मैगनेट निर्माण इकाई लगाएगी, जिससे 2,000 रोजगार मिलेंगे।इसके अलावा एक अन्य कंपनी गंजम में 2,400 करोड़ रुपए के निवेश से नियोडिमियम-आयरन-बोरॉन परमानेंट मैगनेट निर्माण सुविधा स्थापित करेगी, जिसमें 2,000 नौकरियां पैदा होंगी। एक अन्य परियोजना के तहत गंजम में 2,800 करोड़ रुपए की लागत से टाइटेनियम डाइऑक्साइड स्लैग और पिगमेंट निर्माण इकाई स्थापित की जाएगी, जिससे 1,500 रोजगार मिलेंगे।
उच्च-स्तरीय स्वीकृति प्राधिकरण की इस बैठक में एयरोस्पेस, रक्षा, स्टील, आयरन और फेरो अलॉय, पावर और रिन्यूएबल एनर्जी तथा केमिकल सेक्टर से जुड़ी कई अन्य परियोजनाओं को भी मंजूरी दी गई।मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने कहा कि सरकार के दो साल पूरे होने पर ओडिशा देश के प्रमुख निवेश गंतव्यों में से एक बन गया है। उन्होंने कहा कि बेहतर नीतियों, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस, मजबूत बुनियादी ढांचे और निवेशकों की सुविधा के कारण राज्य में पारंपरिक और नए दोनों क्षेत्रों में निवेश बढ़ा है।उन्होंने कहा कि आज की मंजूरियां ओडिशा में बढ़ते निवेशकों के भरोसे और रोजगार सृजन तथा संतुलित विकास की सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं।
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