
Odisha ओडिशा: सरकारी स्कूलों में कक्षा 1 से 8 तक के लिए तैयार की गई नई पाठ्यपुस्तकों में गंभीर गलतियां सामने आने के बाद शिक्षकों, अभिभावकों और छात्रों में चिंता बढ़ गई है। स्कूल और जन शिक्षा विभाग ने इन त्रुटियों को स्वीकार करते हुए सुधारों की सूची तैयार करने की बात कही है।
रिपोर्टों के अनुसार, इन पाठ्यपुस्तकों में कुल 1,678 गलतियां पाई गई हैं। इनमें वर्तनी की गलतियां, प्रसिद्ध व्यक्तियों के नामों में अशुद्धियां, तथ्यों की गलत जानकारी और गलत चित्रों का उपयोग शामिल है। सबसे अधिक 705 गलतियां कक्षा 8 की पुस्तकों में दर्ज की गई हैं।
कई गंभीर तथ्यात्मक त्रुटियां भी सामने आई हैं। पाठ्यपुस्तकों में ओडिशा विधानसभा की जगह कर्नाटक विधानसभा की तस्वीर का उपयोग किया गया है। इसके अलावा ओडिशा की नियमगिरि पहाड़ियों को गलत तरीके से झारखंड में स्थित बताया गया है।
एक अन्य गलती में गंजाम जिले को बरहमपुर जिला लिखा गया है, जबकि वास्तविकता में बरहमपुर गंजाम जिले का एक प्रमुख शहर है। इन गलतियों ने पाठ्यपुस्तक निर्माण प्रक्रिया की गुणवत्ता और सत्यापन प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
ये पाठ्यपुस्तकें राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 और ओडिशा पाठ्यक्रम रूपरेखा 2025 के अनुसार तैयार की गई थीं। विभाग ने कहा है कि सभी त्रुटियों की समीक्षा की जा रही है और जल्द ही संशोधित संस्करण जारी किए जाएंगे।
शिक्षा विभाग के अधिकारियों के अनुसार, सुधार प्रक्रिया को प्राथमिकता दी जा रही है ताकि छात्रों को सही और प्रमाणिक शैक्षणिक सामग्री उपलब्ध कराई जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि आगे ऐसी गलतियों से बचने के लिए सामग्री की जांच प्रक्रिया को और मजबूत किया जाएगा।
संशोधित पाठ्यपुस्तकें 2026-27 शैक्षणिक सत्र से छात्रों के लिए लागू किए जाने की योजना है।
इस पूरे मामले ने शिक्षा प्रणाली में गुणवत्ता नियंत्रण और प्रकाशन प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर बहस को जन्म दे दिया है।





