
Bhubaneswar भुवनेश्वर: ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने मंगलवार को घोषणा की कि राज्य के सभी स्कूलों में ओडिया को ज़रूरी कर दिया जाएगा। यह घोषणा ‘ओडिया पक्ष’ के समापन समारोह में की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह आदेश सभी शैक्षणिक संस्थानों में लागू किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि भाषा और इसकी सांस्कृतिक जड़ों से उनका जुड़ाव मज़बूत करने के लिए छात्रों के बीच ‘ओडिया वर्णबोध’ और ‘शिशु लेखा पुस्तक’ की 18,000 से ज़्यादा कॉपियाँ बाँटी जाएँगी
ओडिशा के मुख्यमंत्री, नवीन पटनायक ने राज्य में ओड़िया भाषा को शिक्षा प्रणाली में और अधिक प्रभावी बनाने का एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। उनके नेतृत्व में राज्य सरकार ने सभी सरकारी और निजी स्कूलों में ओड़िया भाषा को अनिवार्य करने का प्रस्ताव पारित किया है। इस पहल को लेकर मुख्यमंत्री नवीन पटनायक का कहना है कि ओड़िया भाषा राज्य की सांस्कृतिक धरोहर और पहचान है, जिसे हर स्तर पर बढ़ावा दिया जाना चाहिए। उनका उद्देश्य है कि ओड़िया को शिक्षा, समाज और प्रशासन में एक केंद्रीय भूमिका मिले, ताकि युवा पीढ़ी अपनी मातृभाषा के प्रति जागरूक रहे।
यह निर्णय ओडिशा में बच्चों और छात्रों के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है, क्योंकि इससे न केवल भाषा की पहचान मजबूत होगी, बल्कि ओड़िया साहित्य और संस्कृति को भी बढ़ावा मिलेगा। मुख्यमंत्री पटनायक ने इस पहल को सांस्कृतिक संरक्षण और उन्नति की दिशा में एक मजबूत कदम बताया है। उन्होंने यह भी कहा कि ओड़िया भाषा को अनिवार्य करने से विद्यार्थियों को अपनी भाषा में शिक्षा प्राप्त करने में आसानी होगी और वे अपने राज्य की पहचान से जुड़ पाएंगे।
इस नीति के अंतर्गत, सभी सरकारी स्कूलों में ओड़िया को एक अनिवार्य विषय के रूप में पढ़ाया जाएगा, जबकि निजी स्कूलों में भी इसे एक जरूरी विषय बनाने की योजना है। शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि ओड़िया के शिक्षा पाठ्यक्रम में सुधार किया जाएगा ताकि छात्र इसे सरल और प्रभावी ढंग से सीख सकें।
यह कदम ओडिशा की सांस्कृतिक और भाषाई धरोहर को बचाए रखने के लिए आवश्यक है, क्योंकि पिछले कुछ दशकों में अन्य भाषाओं का प्रभाव बढ़ा है, जिससे ओड़िया भाषा की स्थिति कमजोर हुई है। मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने इस निर्णय के बारे में कहा कि यह कदम ओडिशा के भविष्य को मजबूत बनाएगा और राज्य की सांस्कृतिक धरोहर को संरक्षित करेगा। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि ओड़िया भाषा का वैश्विक स्तर पर भी महत्व बढ़ाने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण पहल है। इसके अलावा, राज्य सरकार ने ओड़िया भाषा के शिक्षकों की भर्ती और प्रशिक्षण के लिए भी योजनाएं बनाई हैं, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि सभी स्कूलों में योग्य और अनुभवी शिक्षक उपलब्ध हों। ओड़िया भाषा के प्रचार-प्रसार के लिए राज्य सरकार ने विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों और प्रतियोगिताओं का आयोजन करने का भी प्रस्ताव रखा है, ताकि बच्चों को अपनी मातृभाषा से जुड़ने का अवसर मिले।
यह कदम राज्य के विकास और प्रगति के साथ-साथ उसकी सांस्कृतिक विविधता को भी बढ़ावा देगा। ओड़िया भाषा को अनिवार्य बनाने से न केवल ओडिशा के छात्रों के लिए भविष्य की दिशा स्पष्ट होगी, बल्कि इससे पूरे राज्य में एकता और सामूहिकता की भावना भी मजबूत होगी। मुख्यमंत्री ने इस निर्णय को राज्य की सबसे बड़ी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहल के रूप में देखा है।





